संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर की 69 कॉलोनियों के लिए बड़ी राहत की सौगात मिलने जा रही है। केंद्र सरकार की अमरूट योजना के तहत इन कॉलोनियों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जाएंगे। योजना के अंतर्गत करीब 114 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज लाइन बिछाई जाएगी, जबकि 32 करोड़ रुपये खर्च कर पेयजल आपूर्ति के लिए नई पाइपलाइन डाली जाएगी।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कॉलोनीवासियों को गंदे पानी, ओवरफ्लो सीवर और पीने के पानी की किल्लत जैसी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से काफी हद तक निजात मिलेगी। शहर की कई वैध कॉलोनियों में आज भी सीवरेज की समुचित व्यवस्था नहीं है। कई इलाकों में सीवर लाइन न होने के कारण लोगों को सेप्टिक टैंक या अन्य निजी इंतजामों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है।
बरसात के मौसम में स्थिति और भी विकट हो जाती है, जब गंदा पानी सड़कों पर भर जाता है और घरों के आसपास जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। अमरूट योजना के तहत प्रस्तावित सीवरेज नेटवर्क से इन समस्याओं का स्थायी समाधान होने की उम्मीद जताई जा रही है। योजना में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। 32 करोड़ रुपये की लागत से शहर की 69 वैध कॉलोनियों में नई पेयजल पाइपलाइन बिछाई जाएगी, ताकि हर घर तक स्वच्छ और पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाया जा सके।
इसके साथ ही पांच नए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे, जिससे जलापूर्ति को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। वर्तमान में कई कॉलोनियों में कम दबाव से पानी आने और दूषित जल की शिकायतें सामने आती रहती हैं। नई पाइपलाइन और ट्यूबवेल लगने से इनमें काफी कमी आएगी।
अधिकारियों के अनुसार पूरी योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले सर्वे और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी, इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि वर्ष 2027 तक सीवरेज और पेयजल दोनों परियोजनाओं को पूरी तरह से पूरा कर लिया जाए।
कार्य की गुणवत्ता और तय समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उधर, कॉलोनीवासियों का कहना है कि यदि परियोजना तय समय पर पूरी हो जाती है तो हजारों परिवारों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा और कॉलोनियों में रहने वाले लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।
69 कॉलोनियों में कार्य किए जाने हैं। कहां-कहां और क्या-क्या कार्य होंगे, इसका पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। वर्ष 2027 में सीवरेज व पेयजल परियोजनाएं पूरी होंगी। -दिनेश गाबा, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।