संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। कई दिनों से पहाड़ों में हो रही बर्फबारी से हथिनी कुंड बैराज के पानी में काफी गिरावट देखने को मिली। जैसे-जैसे बर्फबारी होगी बैराज के पानी में भी कमी आएगी। आने वाले समय में पश्चिमी यमुना नहर पर स्थित पन बिजली योजनाओं पर भी भारी असर देखने को मिल सकता है।
हथिनी कुंड बैराज पर बुधवार सुबह 8 बजे 2600 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। इसमें से पश्चिमी यमुना नहर में 1769 क्यूसेक पानी भेजा गया। वहीं पनबिजली परियोजनाओं को चलने के लिए कम से कम 1500 क्यूसेक पानी की आवश्यकता पड़ती है। यदि यही स्थिति रही तो आगे हथिनी कुंड बैराज पर पानी की कमी की वजह से पन बिजली योजनाओं पर विपरीत असर पड़ेगा।
हथिनीकुंड बैराज कंट्रोल रूम के अनुसार बुधवार को सुबह 8 बजे 2600 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। दोपहर 11 बजे 2615 और दोपहर एक बजे 2685 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। दोपहर तीन बजे घटकर पानी 2403 क्यूसेक हो गया। शाम पांच बजे हथिनी कुंड बैराज पर पानी का जलस्तर घटकर 2375 क्यूसेक दर्ज किया गया। इसके साथ ही पश्चिमी यमुना नहर में मांग के अनुसार 1769 क्यूसेक पानी की सप्लाई की गई।