संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। डेहा बस्ती में सीआईए टीम पर हमला करने के मामले में शुक्रवार को पांच आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली। न्यायालय ने सभी आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। वहीं मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपी रबीना पत्नी दिलबाग निवासी डेहा बस्ती, छोटा बांस ने अपनी नियमित जमानत याचिका वापस ले ली। अब तक इस मामले में किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी है।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश राणा ने बताया कि डेहा बस्ती में पुलिस पर पथराव के मामले में 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। शुक्रवार को रमजाना उर्फ कविता, नीतू पत्नी महीपाल, महीपाल पुत्र दौलतराम, दर्शन पुत्र रामस्वरूप तथा गुरनाम पुत्र रूपचंद निवासी छोटा बांस ने अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय में याचिका दायर की थी। एडीपी यमुनानगर एवं उप जिला न्यायवादी रविंद्र मलिक ने अदालत में आरोपियों की अग्रिम जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।
उधर, नगर पालिका ने डेहा बस्ती में अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की तैयारी कर ली है। नगर पालिका के अनुसार मंगलवार को पुलिस बल की मौजूदगी में डेहा बस्ती में 60 से 70 लोगों को बस्ती खाली करने के नोटिस दिए जाएंगे। इसके बाद नियमानुसार अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
नगर पालिका के चेयरमैन रजनीश मेहता शालू ने बताया कि नगर पालिका की भूमि से पहले भी अतिक्रमण हटाकर तारबंदी कराई गई है तथा संबंधित भूमि पर बोर्ड लगाकर स्पष्ट किया गया है कि यह नगरपालिका की संपत्ति है। उन्होंने कहा कि नगरपालिका की भूमि पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने लोगों से सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा न करने की अपील भी की। वहीं बागड़ी समुदाय के लोगों ने प्रशासन से वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। पालीराम, रमेश, बग्गा और शकीला सहित अन्य लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद उनके पास रहने के लिए कोई स्थान नहीं बचा है और वे सड़क किनारे रहने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि वे कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर पुनर्वास की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है।
डेहा बस्ती में नगर पालिका की और से लगाया गया बोर्ड।