संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। फल, फूल और मेवे से शिवलिंग का अलौकिक शृंगार करना भगवान शिव के प्रति अगाध प्रेम, भक्ति और पूर्ण समर्पण का एक अत्यंत सुंदर व पवित्र रूप है। इस विशेष अनुष्ठान में प्रकृति की अनमोल भेंटों का उपयोग कर मनमोहक रूप में सजाया जाता है।
यह अद्भुत नजारा शुक्रवार को ऐतिहासिक तोरांवाला तालाब के तट पर स्थित अकबर कालीन शिव मंदिर में नजर आ रहा है। इसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। दरअसल कॉस्मेटिक दुकानदार नवीन अग्रवाल विक्की ने सावन माह की शुरुआत होते ही वीरवार रात को शिवलिंग का ड्राई फ्रूट से शृंगार किया है। नवीन अपनी पत्नी सोनिया तथा बेटों पर्व व प्रणय के सहयोग से सावन माह के दौरान रोजाना इस तरह का शृंगार कई साल से करते आ रहे है।
शृंगार के लिए ड्राई फ्रूट, ताजे फलों, मिष्ठान, सब्जी, दालों, अनाज, बेलपत्र, फूल, वस्त्र, चॉकलेट, टॉफी व पेयजल की बोतलों आदि का इस्तेमाल किया जाता है। इन वस्तुओं का अलग-अलग इस्तेमाल करके रोजाना नए स्वरूप में शिवलिंग का श्रृंगार किया जाता है। इसके अलावा डिजाइन के अनुसार रंगोली भी बनाई जाती है। इसका सारा खर्च भी वह खुद ही सहन करते हैं।
नवीन के अनुसार पिहोवा के अरुणाय मंदिर के शिवालय में किए गए शृंगार को देखकर उन्हें यहां भी ऐसा ही करने की प्रेरणा मिली थी। सावन के पहले दिन नवीन अग्रवाल ने मखाने, बादाम, अखरोट, काजू, किशमीश, खुरमानी व छुआरे के अलावा फूलों व पत्तों का इस्तेमाल करके शिवलिंग के आसपास त्रिशूल का आकार तैयार किया है।