संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। आदिबद्री के समीप रामपुर गेंडा गांव के पास एक बाबा की कुटिया में आग लगाकर उसे जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है।
आगजनी की घटना के वक्त बाबा हरिद्वार गया हुआ था। रणजीतपुर चौकी पुलिस को दी शिकायत में बाबा महाकाल दास उर्फ स्वामी तेजवीर आर्य ने कहा कि वह तीन साल से रामपुर गेंडा में अपनी जमीन पर कुटिया बनाकर रह रहा है। 10 जून को वह हरिद्वार गया हुआ था। रात को करीब पौने 11 बजे गांव के विक्रम ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि किसी ने उनकी दोनों कुटियों में आग लगा दी है। सुबह उसने आकर देखा कि कुटिया में रखा सामान, भागवत गीता, रामायण, शिव पुराण व अन्य धार्मिक ग्रंथ, श्रीराम व खाटू श्याम के झंडे, परचून का सामान, कपड़े, रजाई कंबल, तख्त, बैंक की पास बुक, आईटीआर, आदिबद्री चेरिटेबल ट्रस्ट के कार्यवाही रजिस्टर, बोलेरो गाड़ी की आरसी समेत सब कुछ जल कर राख था।
उन्होंने बताया कि 16 जून का यहां शिवलिंग की स्थापना की जानी थी। बाबा का आरोप है कि उक्त जमीन को लेकर उनका यमुनानगर के एक व्यक्ति से कोर्ट में झगड़ा चल रहा है। आरोप है कि इससे पहले भी उसने अपने अन्य साथियों के साथ उन्हें धमकी दी थी।
आरोप है कि सभी हथियार लेकर आए थे। उन्हें जान से मारने की धमकी दी। उन्हें वह जमीन खाली करने को कहा गया। जमीन खाली नहीं करने पर अंजाम भुगतने को कहा गया था। तब उसने लिखित शिकायत पुलिस को दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित बाबा ने अपनी जान माल की सुरक्षा व आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।