यमनुानगर। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में धान की पराली में आग की घटनाओं के मद्देनजर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभाग के कर्मचारियों की बैठक हुई। इसमें कृषि विभाग के उप कृषि निदेशक आदित्य प्रताप ने बताया कि पिछले वर्ष फसल अवशेषों में आगजनी की 38 घटनाएं हुई थी। उसके मुकाबले जागरूकता के कारण इस वर्ष आग लगाने की घटनाओं में कमी आई है। अभी तक 7 घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें 4 एक्सीडेंटल घटनाएं थी जोकि फसल अवशेषों की जमा गांठों में लगी थी, 1 शॉर्ट सर्किट व 2 घटनाएं मौके पर पाई गई थी। इन दो घटनाओं के लिए नियमानुसार रेड एन्ट्री, एफआईआर व जुर्माना कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार जिले में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष आगजनी की घटनाओं में 92 प्रतिशत तक की कमी आई है।
वहीं, सहायक कृषि अभियंता वीनित कुमार जैन ने बताया कि जिले में पर्याप्त संख्या में कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र में इन-सीटू कृषि यंत्रों जैसे कि सुपर सीडर व 15 प्रतिशत क्षेत्र में एक्स-सीटू यंत्रों जैसे कि स्ट्रा बेलर के माध्यम से फसल अवशेषों का प्रबंधन किया जाता है। जिले में सब्जियों के क्षेत्र को व प्लाई बोर्ड उद्योग एवं पैलेट उद्योगों में धान के अवशेषों की गांठों के मांग के बढ़ने के कारण बेलरों की मांग भी बढ़ी है व पर्याप्त संख्या में जिले में बेलर न होने के कारण जिले के लिए बेलर के अतिरिक्त लक्ष्य की मांग की गई है।
निकाला जाएगा ड्रा
आदित्य डबास ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों की अतिरिक्त मांग को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा अतिरिक्त कृषि यंत्र अनुदान पर उपलब्ध करवाने हेतु निर्णय लिया गया है। इसमें लाभार्थियों का चयन ड्रा के माध्यम से किया जाएगा। ड्रॉ का आयोजन डीसी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति की उपस्थिति में 10 नवंबर को जिला सचिवालय के कमरा नंबर 115 में सुबह 11 बजे किया जाएगा। जिले के लिए 269 कृषि यंत्रों का अतिरिक्त लक्ष्य निर्धारित किया गया है।