सदर थाना क्षेत्र के गांव अकालगढ़ स्थित प्लाइवुड फैक्टरी में कोरोना टेस्ट करने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ कुछ लोगों ने अभद्र व्यवहार कर मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने एक कर्मचारी से मारपीट कर उसके कपड़े फाड़ दिए। वहीं महिला डॉक्टर से मारपीट कर उसकी टांगे काटने की धमकी दी। यहीं, नहीं आरोपियों ने उनके सरकारी काम में बाधा भी पहुंचाई। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को नामजद करते हुए कुछ अन्य पर मारपीट, अभद्र व्यवहार करने, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने व सरकार के आदेशों की उल्लंघन करने के आरोप में केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
पांसरा निवासी प्रशांत कुमार ने सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कि वह स्वास्थ्य विभाग की पीएचसी कलानौर में सक्षम के तहत कार्यरत है। बुधवार को वह विभाग की डॉक्टर पूजा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रीना के साथ गधौली माजरा में कोविड ड्यूटी करने गए थे। करीब साढ़े 11 बजे वह अकालगढ़ स्थित प्लाइवुड फैक्ट्रियों में कोरोना टेस्ट करने की अनुमति लेने गए। जैसे ही वह एक फैक्टरी के अंदर जाने लगे तो वहां कुछ लोगों ने उन्हें अंदर जान से रोक दिया। जब उन्होंने कहा कि विभाग के निर्देशों पर वे मजदूरों के निशुल्क टेस्ट करने आए है तो आरोपियों ने उनके साथ हाथापाई करनी शुरू कर दी। आरोपियों डॉक्टर से अभद्र भाषा में बोलते हुए मारपीट की और फैक्टरी के अंदर आने पर टांगे काटने की धमकी दी। इस दौरान आरोपियों से उससे भी मारपीट की और उसके कपड़े फाड़ दिए। ऐसा कर आरोपियों ने उनके सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। किसी तरह वह आरोपियों से बचकर वहां से निकले और अस्पताल में मेडिकल करवाया। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में आरोपी सालवा निवासी अश्वनी, गोविंदपरा निवासी रविंद्र और बहरामपुर निवासी रमेश शर्मा व अन्य के खिलाफ मारपीट, अभद्र भाषा बोलने, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, सरकार के आदेशों का उल्लंघन करने समेत कई धाराओं में केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी एएसआई महबूब अली का कहना है कि मामले में तीन आरोपियों को नामजद करते हुए अन्य पर केस दर्ज किया है। मामले की जांच कर रहे है। जल्द आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया जाएगा।