सरस्वतीनगर की अनाज मंडी में चूल्हे पर खाना तैयार करती महिलाएं। स्वयं
सरस्वतीनगर। अनाज मंडी में संचालित अटल कैंटीन ने विपरीत परिस्थितियों में भी सेवा का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। गैस सिलेंडरों की किल्लत के बावजूद यहां भोजन व्यवस्था बाधित नहीं हुई, बल्कि महिलाओं ने चूल्हे पर खाना बनाकर श्रमिकों को लगातार भोजन उपलब्ध कराया।
अटल कैंटीन में रोजाना 400 से अधिक मजदूर और अन्य लोग मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन कर रहे हैं। गैस की कमी पिछले करीब 20 दिनों से बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद महिलाओं का हौसला कम नहीं हुआ। वे सुबह से ही चूल्हे पर खाना तैयार करने में जुट जाती हैं, ताकि मंडी में काम करने वाले मजदूरों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। कैंटीन में रोजाना चावल के साथ दो प्रकार की सब्जियां परोसी जा रही हैं। यहां काम कर रही प्रधान सुषमा महेश्वरी, सचिव वीना (कान्हड़ी कलां), खजांची आशा (पिरथी का माजरा) के साथ अन्य सदस्यों में रविंद्र कौर, डिंपल, उषा और सुमन लता पूरी मेहनत और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्थानीय लोगों ने भी इन महिलाओं के जज्बे की सराहना करते हुए उनका हौसला बढ़ाया है। कई लोग समय-समय पर कैंटीन पहुंचकर उनका सहयोग कर रहे हैं।
महिलाओं की परेशानी को देखते हुए चेयरमैन जसविंद्र सिंह और सेक्रेटरी अवतार सिंह ने सप्ताह में चार गैस सिलेंडरों की व्यवस्था भी करवाई है। नव निर्माण महिला क्लस्टर सरस्वतीनगर क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरा है। ब्लॉक प्रबंधक देवेंद्र राणा के मार्गदर्शन व क्लस्टर प्रधान हरजीत कौर, सचिव प्रवीन सैनी और खजांची ममतेश के सहयोग से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरणा मिली। इनके प्रयासों से महिलाओं ने सरस्वतीनगर में कैंटीन शुरू की, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर मिले। आज ये महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि समाज में भी अपनी एक अलग पहचान बना रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन रही हैं।
सरस्वतीनगर की अनाज मंडी में चूल्हे पर खाना तैयार करती महिलाएं। स्वयं
सरस्वतीनगर की अनाज मंडी में चूल्हे पर खाना तैयार करती महिलाएं। स्वयं
सरस्वतीनगर की अनाज मंडी में चूल्हे पर खाना तैयार करती महिलाएं। स्वयं