विभिन्न मांगों को लेकर 27 दिन से हड़ताल कर आंदोलन कर रहीं आशा वर्कर्स ने शुक्रवार को भी सिविल अस्पताल में धरना प्रदर्शन किया। यहां सीएमओ कार्यालय का घेराव कर आशा वर्कर्स ने नारेबाजी की। बाद में यूनियन का प्रतिनिधिमंडल सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह से मिला। उन्हें ज्ञापन सौंप आशा वर्कर्स का बकाया वेतन जारी करने की मांग रखी। यहां आप नेता आदर्श पाल व अन्य कार्यकर्ताओं ने आशा वर्कर्स के समर्थन में पहुंचे। धरना प्रदर्शन की अगुवाई जिला प्रधान नीरू बाला, जिला कोषाध्यक्ष कर्मजीत कौर, जिला सचिव राजेश कुमारी ने आशा वर्कर्स को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 से आशा वर्कर्स के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। कार्य तीन गुना बढ़ा दिए गए हैं और महंगाई दोगुनी बढ़ गई है। कोरोना महामारी में आशा वर्कर्स ने प्रदेश की जनता की सेवा अपनी जान जोखिम में डालकर की। लगातार बढ़ते काम के दबाव, बढ़ती महंगाई और सरकार की अनदेखी से परेशान होकर मजबूरीवश प्रदेश की आशा वर्कर्स को हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा है। किंतु गत दिनों विधानसभा कूच कर रही आशा वर्कर्स को रोकने के लिए सरकार ने दमनकारी नीति अपनाई। इसे लेकर आशाओं में नहीं बल्कि सभी कर्मचारियों में रोष है। सरकार के रवैया की घोर निंदा करते हैं। आशा वर्कर्स में सरकार के प्रति काफी रोष है। उन्होंने कहा कि सरकार लाठी-डंडे के जोर पर उनकी आवाज व हक दबा नहीं सकती है। आशा वर्कर्स अपने हक के बिना घर नहीं लौटेंगी। जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, वह हड़ताल ऐसे ही जारी रखेंगी।