संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दिवाली 20 अक्तूबर को है। ऐसे में 1500 करोड़ रुपये की टर्नओवर वाली बर्तन नगरी इसकी तैयारियों में जुट गई है। स्थानीय और बाहर से कारोबारियों को ऑर्डर भी मिलने लगे हैं। हालांकि बाढ़ ग्रस्त एरिया के चलते कारोबारियों को काफी मंदी का दौर देखना पड़ा है, परंतु दिवाली के अब कुछ ऑर्डर मिलने से उन्हें राहत मिलने लगी।
उद्यमियों के मुताबिक इस बार 500 करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है, चूंकि पिछले साल अपेक्षित कारोबार नहीं मिला था। जगाधरी सिटी में छोटी-बड़ी एक हजार इकाइयां हैं। इनमें दो लाख श्रमिक बर्तनों को तैयार करने का कार्य करते हैं। यमुनानगर की जगाधरी की फैक्टरियों में बने बर्तनों की गुणवत्ता ने देश-विदेश में इसकी मजबूत साख बनाई है।
यहां तकरीबन हर घर में बर्तन बनाने का काम चलता है। छोटी इंडस्ट्री को बढ़ाने के लिए बैंकों से लोन आसानी से नहीं मिल पाता। अगर मिलता है तो इसका ब्याज भी कार और हाउस लोन से ज्यादा है। करोड़ों रुपये का टर्नओवर है। सरकार को भी अच्छा राजस्व मिल रहा है। इसका कुछ हिस्सा जिले में खर्च हो जाए तो इंडस्ट्री और शहर में बाहर आ सकती है।
वहीं बात करें तो यहां के बर्तनों की खनक विदेशों तक भी है। इसमें देश के अलावा अमेरिका, साउदी अरब, दुबई, ईरान, कुवैत, तंजानिया, काबुल, जर्मनी, यूएसए, स्पैन सहित अन्य देशों में जाते हैं। जगाधरी में यहां कई ऐसी इकाइयां हैं, जिनका संचालन तीसरी और चौथी पीढ़ी कर रही है।
दिवाली के लिए माल किया जा रहा तैयार : सुंदर लाल
द मेटल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बत्रा के मुताबिक बाढ़ के कारण कारोबार पर काफी असर तो पड़ा है, लेकिन इसमें कर भी क्या सकते हैं। 20 अक्तूबर को दिवाली है, इसको लेकर माल तैयार किया जा रहा है। कई जगहों से ऑर्डर भी मिलने लगे हैं।