इस्माईलाबाद। अनाज मंडी में सूरजमुखी की आवक अब तेजी पकड़ने लगी है। सोमवार को अनाज मंडी में 500 क्विंटल के करीब सूरजमुखी की फसल बेचने के लिए पहुंची, लेकिन कोई भी खरीदार न होने के चलते किसानों को मायूस होकर ही फसल के साथ अपने घरों को लौटना पड़ा। हालांकि अनाज मंडी में सूरजमुखी की खरीद के लिए केंद्र बनाया गया है, जबकि सरकार ने सूरजमुखी के लिए समर्थन मूल्य 6 हजार सात सौ 60 रुपये भी निर्धारित किया हुआ है, लेकिन खरीद केंद्र पर अभी तक सरकारी खरीद शुरू न होना किसानों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। इसके चलते किसानों में काफी रोष देखने को मिल रहा है।
किसान बलदेव शर्मा, प्रदीप, विशाल, अजय, कृष्ण, विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि सरकार ने सूरजमुखी का समर्थन मूल्य तो तय कर दिया है, लेकिन फसल को अनाज मंडी में लेकर आने पर खरीद नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है। अनाज मंडी में सूरजमुखी की फसल को सुखाने के बाद घर वापस ले जाने पर आने जाने का खर्चा भी पड़ रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान मंडियों के चक्कर काटने के लिए मजबूर है, जिससे अगली फसल की तैयारी भी अब प्रभावित हो रही हैं। प्रदेश सरकार को जल्द से जल्द सूरजमुखी की खरीद शुरू कर देनी चाहिए, ताकि किसान सूरजमुखी की फसल को बेच कर अगली फसल की तैयारी समय पर कर सके।
सरकार के आदेश मिलते ही शुरू होगी खरीद
हैफेड के इंस्पेक्टर सुभाष का कहना है कि अनाज मंडी में हैफेड एजेंसी का खरीद सेंटर है। खरीद को लेकर सभी तैयारियां भी की गई हैं, लेकिन अभी तक सरकार के आदेश प्राप्त नहीं हुए है, जैसे ही मिलेंगे सूरजमुखी की खरीद शुरू कर दी जाएगी।