संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। राइस मिलर्स की हड़ताल खत्म होने के बाद मंडियों से धान की उठान तो शुरू हो गई है, लेकिन अभी भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। लगभग सभी अनाज मंडियां धान की बोरियों से अटी पड़ी हैं। अनाज मंडियों में रविवार तक भी 10 लाख से ज्यादा बोरियां खुले आसमान के नीचे पड़ी थी।
आढ़तियों के पास जितनी तिरपाल है, उससे बोरियों को ढका हुआ है ताकि बारिश होने पर धान को नुकसान न हो। बोरियां ज्यादा होने के कारण ज्यादातर खुले में रखी हैं। अचानक बारिश हो जाए तो प्रशासन के इंतजामों की पोल खुलने में देर नहीं लगेगी। राहत की बात यह रही कि रविवार को छुट्टी होने के कारण धान की खरीद नहीं हुई। परंतु किसान मंडियों में धान लेकर पहुंचते रहे ताकि सुबह होने पर सबसे पहले धान बेच कर अपने घर को लौट सकें।
शनिवार देर रात तक सभी 13 अनाज मंडियों में कुल 146094 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी थी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की बात करें तो इन्होंने मंडियों में कुल 79764 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। इसमें से उठान 24869 एमटी का ही हो सका है। मंडी में इनकी 54895 एमटी धान पड़ी हुई है। वहीं हैफेड ने 35152 एमटी धान की खरीद की। इसमें से 8908 की उठान करवा दी गई है।
मंडियों में 26244 एमटी धान पड़ा हुआ है। हरियाणा वेयर हाउस कॉर्पोरेशन ने कुल 31178 एमटी धान की खरीद की है, जिसमें से 4629 एमटी की उठान करवा दिया है। इनका भी मंडियों में 26549 एमटी धान पड़ा हुआ है। इस तरह तीनों एजेंसियों के 10 लाख से ज्यादा बोरियां अनाज मंडियों में पड़ी हुई हैं। रविवार को दिनभर ट्रक उठान करने में लगे रहे।