संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में रहे पुलिस कर्मी विक्रांत यादव व उसकी पत्नी शालू पर बिलासपुर पुलिस ने धोखाधड़ी का एक और केस दर्ज किया है। तीन दिन में आरोपी दंपती पर यह दूसरा धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया।
आंबवाला निवासी संदीप कुमार ने बताया कि उनके पड़ोसी होमगार्ड दीपचंद के माध्यम से उसकी हरियाणा पुलिस में तैनात झज्जर के गांव खेड़ी खुमार निवासी विक्रांत यादव के साथ हुई थी। तब आरोपी ने उसे बताया था कि वह हरियाणा पुलिस में मुलाजिम है और मुख्यमंत्री सुरक्षा में तैनात है। सरकारी अधिकारियों के साथ उसकी अच्छी बनती है। वह उसे सरकारी नौकरी दिलवा सकता है। आरोपी की बातों में आकर उसने आरोपी को उसकी सरकारी नौकरी लगवाने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने उसे मार्च 2020 में चंडीगढ़ में होमगार्ड की नौकरी दिलवाने के लिए एक लाख 80 हजार रुपये खर्च आने की बात कही।
आरोपी की बातों में आकर उसने आरोपी की पत्नी शालू के बैंक खाते में 21 जुलाई 2020 को 90 हजार रुपये, इसके बाद 28 जुलाई 2020 को 50 हजार रुपये और चार अगस्त 2020 को 40 हजार रुपये जमा करवाए। रुपये देने के बाद आरोपी बहाने बनाने लगा। नौकरी न लगने पर उसने आरोपी से अपने रुपये वापस मांगे। इस पर आरोपी ने उसे जान से मारने को धमकी दी। उसने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच आर्थिक शाखा से करवाई। इसके बाद बिलासपुर पुलिस ने आरोपी विक्रांत यादव व उसकी पत्नी शालू के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया।
होमगार्ड से ठगे थे 2.45 लाख
बिलासपुर पुलिस ने आंबवाला निवासी होमगार्ड दीपंचद की शिकायत पर 20 अप्रैल को आरोपी विक्रांत यादव व उसकी पत्नी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। दीपचंद का कहना था कि विक्रांत ने उसे क्लर्क की नौकरी दिलवाने के नाम पर 2.45 लाख रुपये ठगे थे। आरोपी पुलिसकर्मी ने सरकारी अधिकारियों से अच्छी जान पहचान बताकर उसे सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इसके बाद उसने आरोपी की पत्नी के बैंक खाते में रुपये जमा करवा दिए थे।