संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आंगनबाड़ी वर्कर-हेल्पर यूनियन का सीडीपीओ कार्यालय के बाहर धरना मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान सरकार की से लागू की गई जीपीएस व्यवस्था के विरोध में नारेबाजी की गई।
जिला उपप्रधान अंग्रेजो देवी ने कहा कि यदि सरकार उन पर समय की पाबंदी और जीपीएस व्यवस्था लागू करना चाहती है तो पहले उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार उन्हें समाजसेविका बताती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी कर्मचारियों जैसी निगरानी की जा रही है।
ब्लॉक प्रधान जगाधरी सुनीता, रीटा कत्याल और जिला प्रेस प्रवक्ता रितु गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2023 से सिलिंडर के पैसे नहीं मिले हैं। करीब डेढ़ साल से क्रेच का किराया भी लंबित है। आंगनबाड़ी केंद्रों में स्टेशनरी, फर्नीचर, टेबल और कुर्सियों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। कई जगह वर्कर और हेल्पर अपने घर से फर्नीचर लाकर काम चला रही हैं। विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए कई भवन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और उनकी मरम्मत के लिए भी राशि नहीं मिल रही। विभाग से किराये की राशि समय पर नहीं आती।
भुगतान लंबित रहने पर वर्कर और हेल्पर आपस में राशि जुटाकर मकान मालिक को किराया देती हैं। विभाग किराये की राशि सीधे भवन मालिक के खाते में क्यों भेजता है। इस मौके पर कुसुम, सुरजीत, पायल, सिमरन, कमलेश, रेनू बाला, माधुरी, ज्योति, सुरूचि, वंदना, निर्मल मौजूद रहीं।