संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लंबे समय से लंबित मानदेय, भत्तों और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर सोमवार को आंगनबाड़ी वर्कर-हेल्पर यूनियन से जुड़ी महिलाओं ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। आक्रोशित वर्कर-हेल्परों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
यूनियन की जिला प्रधान सुनीता सिंह ने बताया कि 25 दिसंबर 2025 को दशहरा ग्राउंड में हुई जिला कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि यदि बार-बार अधिकारियों से बातचीत के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर-हेल्पर लंबे समय से मानदेय, भत्तों और बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही। इसी कारण मजबूरन यूनियन को प्रदर्शन करना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान यूनियन ने कई अहम मांगें रखीं। इनमें हड़ताल के दौरान टर्मिनेट की गई वर्कर-हेल्परों का मानदेय जारी करना, पीएमएमवीवाई योजना की लंबित राशि का भुगतान, खाली पड़े वर्कर व हेल्पर पदों को भरना, कच्ची वर्कर के केंद्रों का किराया जारी करना और मेनू के अनुसार राशन की आपूर्ति शामिल है। इसके अलावा पिछले तीन वर्षों से रुका ईंधन पैसा, वर्ष 2023 के बाद से लंबित वर्दी भत्ता, आठ महीने से रुका केंद्र मानदेय, आवश्यक रजिस्टर उपलब्ध कराने तथा केंद्रों की मरम्मत के लिए बजट जारी करने की मांग भी प्रमुख रही। जिला प्रधान सुनीता सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों का समाधान नहीं किया गया तो यूनियन को आंदोलन और तेज करना पड़ेगा।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी मिक्षा रंगा (महिला एवं बाल विकास विभाग) और सीडीपीओ मौके पर पहुंचे। उन्होंने यूनियन पदाधिकारियों से बातचीत कर सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद आंगनबाड़ी वर्कर-हेल्परों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।