संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सीडीपीओ कार्यालय के बाहर आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन का धरना सोमवार को भी जारी रहा। इस दौरान उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित किए जाने मांग उठाई गई।
धरने के दौरान जीपीएस व्यवस्था को लेकर आंगनबाड़ी कर्मियों और हेल्परों में खासा रोष दिखाई दिया। उन्होंने सरकार की ओर से जीपीएस लगाने के फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। जिला उपप्रधान अंग्रेजो देवी ने कहा कि जब वर्कर सरकार से ग्रेड देने की मांग करती हैं तो उन्हें समाजसेविका बताया जाता है। यदि वे समाजसेविका हैं तो उन पर समय की पाबंदी और जीपीएस की पाबंदी क्यों लगाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि जीपीएस लागू करना है तो पहले उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों पर जीपीएस की व्यवस्था नहीं है तो आंगनबाड़ी वर्करों पर इसे लागू करने का क्या औचित्य है। कहा कि सरकार ने 5जी फोन देने की बात कही थी, लेकिन वर्करों को 3जी फोन दिए गए हैं। इसके बावजूद उनसे बड़े-बड़े काम लिए जा रहे हैं।
जब पर्याप्त संसाधन ही उपलब्ध नहीं होंगे तो काम किस प्रकार पूरा किया जाएगा। उन्होंने सरकार से संसाधन उपलब्ध कराने और जीपीएस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की। इस मौके पर जगाधरी अर्बन की कुसुम, सुरजीत, पायल, सिमरन, कमलेश, रेनू बाला, माधुरी, ज्योति, सुरूचि, वंदना, निर्मल, सुधा, सुनीता, रूमन, आशा, श्वेता, आरती, सुमित, राजरानी, गुलशन, अनीता और रवि मौजूद रहे।