संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। अभिभावक सेवा मंच के पदाधिकारियों ने शनिवार को आरोप लगाया कि निजी स्कूलों की मनमानी की जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जांच सही नहीं की है। अधिकारियों ने केवल निजी प्रकाशकों की किताबें, फार्म-6 सार्वजनिक न करने व निर्धारित दुकान से किताबें खरीदने के दबाव के आरोपों की जांच की है। इसके अलावा कई और नियम है, जो स्कूल भंग कर रहे हैं।
वार्ता के दौरान मंच पदाधिकारियों ने कहा कि जिले के 35 स्कूलों को अधिकारियों ने नियमों के विरुद्ध काम करते पाया गया। विभाग ने यह जांच केवल औपचारिक रूप से की। मंच के पदाधिकारी महेंद्र मित्तल, संजय मित्तल, दीपक कपूर, विपिन गुप्ता, अनुराग ने बताया कि अधिकारियों ने स्कूलों में केवल निजी प्रकाशकों की किताबें, जानकारी नोटिस बोर्ड पर न लगाना इत्यादि आरोपों की जांच की है।
इस जांच में विभाग ने 35 स्कूलों को नोटिस दिया और रिपोर्ट बनाकर निदेशालय भेज दी, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इसे लेकर अभिभावक पंचकूला जाएंगे और निदेशक से कार्रवाई की मांग करेंगे। यदि निजी स्कूलों पर नकेल न कसी गई, तो अभिभावक प्रदर्शन कर बड़ा आंदोलन करेंगे। इस दौरान मंच जिलाध्यक्ष शैंकी गुप्ता, कार्यकारी जिलाध्यक्ष विपिन गुप्ता, महासचिव दीपक कपूर, सचिव अनुराग सिंघल, महिला महासचिव ज्योति गुप्ता, शिवांगी व अन्य उपस्थित रहे।
जांच के लिए 16 बिंदु निर्धारित किए गए थे, जिसमें सभी नियमों को कवर किया गया था। इनमें से कोई भी नियम भंग होने पर भी स्कूल को नोटिस दिया गया है। इसकी रिपोर्ट निदेशालय भेजी गई है। निदेशालय के आदेश पर कार्रवाई की जाएगी। - प्रेमलता बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।