संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। टिंबर फैक्टरी और उससे सटी दुकानों की बिक्री के नाम पर योजनाबद्ध तरीके से 62 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित को पहले प्रॉपर्टी साफ होने का भरोसा दिलाया गया, फिर कब्जा दिलवाकर अलग-अलग किस्तों में मोटी रकम ऐंठ ली गई। बाद में न तो रजिस्टरी कराई गई और न ही पैसे लौटाए गए। शिकायत के आधार पर शहर थाना यमुनानगर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
कालिंदी कॉलोनी निवासी कृष्ण विज ने पुलिस को बताया कि भाटिया मुहल्ला निवासी पिंकी व अभय, तेजली निवासी अमित कुमार, अनिल कुमार, भूषण चोपड़ा, सुभाष, गौरव कुमार और वेद प्रकाश चोपड़ा सभी आपस में रिश्तेदार हैं। इन्हीं के साथ टिंबर फैक्टरी व आगे बनी दुकानों का सौदा तय हुआ था। आरोपियों ने दावा किया कि प्रॉपर्टी पूरी तरह वैध और विवाद रहित है। पीड़ित के अनुसार सौदे की शुरुआत 22 लाख रुपये बयाने से हुई, जिसकी लिखित रसीद भी दी गई। इसके बाद फैक्टरी और दुकानों का कब्जा दिलवाया गया और दुकानों को खाली भी करवा लिया गया। इसी भरोसे के बीच आरोपियों ने अलग-अलग समय पर 40 लाख रुपये और ले लिए। तय तारीखों पर रजिस्ट्री टलती रही और बहाने बनाए जाते रहे।
कई बार टालमटोल होने पर जब पीड़ित ने खुद पड़ताल की तो सामने आया कि जिस प्रॉपर्टी का सौदा दिखाया गया था, वह मौके पर कम है। इसके बाद ठगी का एहसास हुआ। फिलहाल आरोपी न रजिस्ट्री करा रहे हैं और न ही रकम लौटाने को तैयार हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।