संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ईरान के साथ चल रहे युद्ध से पैदा हुए गैस संकट के बीच जिले में कुछ एजेंसी संचालकों की मनमानी सामने आ रही है। गैस की अनिश्चित आपूर्ति का हवाला देकर एजेंसियों पर उपभोक्ताओं को बिजली से चलने वाले इंडक्शन चूल्हे बेचे जा रहे हैं। हालात यह हैं कि गैस लेने पहुंचे लोगों को यह कहकर बरगलाया जा रहा है कि सप्लाई कब तक बहाल होगी, कुछ कहा नहीं जा सकता, इसलिए इंडक्शन लेना ही बेहतर विकल्प है।
शहर की कई गैस एजेंसियों पर खुलेआम 1800 से 2100 रुपये तक में इंडक्शन बेचे जा रहे हैं। लोगों को गैस की किल्लत का डर दिखाकर यह सामान बेचा जा रहा है। कई मामलों में तो उपभोक्ता मजबूरी में इंडक्शन खरीद भी रहे हैं, क्योंकि उन्हें घर के कामकाज के लिए तुरंत विकल्प चाहिए। इस बढ़ती मांग का असर बाजार पर भी दिखने लगा है।
इंडक्शन की डिमांड अचानक बढ़ने से बाजार में इनकी कमी होने लगी है। इसी का फायदा उठाते हुए कुछ एजेंसी संचालक पुराने और खराब इंडक्शन को भी मरम्मत करवा कर बेच रहे हैं। उपभोक्ताओं को बिना गुणवत्ता की गारंटी के ऐसे उपकरण थमाए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में परेशानी बढ़ सकती है।
नियमों के अनुसार गैस एजेंसियों पर केवल एलपीजी सिलिंडर, गैस चूल्हा और उससे संबंधित उपकरण ही बेचे जा सकते हैं। इसके बावजूद एजेंसियों पर इंडक्शन की बिक्री खुलेआम जारी है। कुछ एजेंसी संचालकों की इलेक्ट्रिक सामान की अलग से दुकानें भी हैं, जिसका फायदा उठाकर वे गैस एजेंसी के माध्यम से ही इन उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि अनदेखी के चलते यह खेल धड़ल्ले से चल रहा है। गैस संकट की आड़ में उन्हें गुमराह किया जा रहा है और गैर-जरूरी सामान खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
एजेंसी पर केवल गैस सिलिंडर ही बेचा जा सकता है। यदि कोई एजेंसी संचालक इसकी आड़ में इंडक्शन या फिर कोई अन्य सामान बेच रहा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - राजकुमार, एएफएसओ।