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तड़पते रहे घायल, नहीं पहुंची एंबुलेंस लेकिन रजिस्टर में एंट्री

Tue, 17 Dec 2013 12:41 AM IST
यमुनानगर
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यमुनानगर/खिजराबाद। सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुुंचाने के लिए डायल करते ही कुछ ही मिनट में एंबुलेंस पहुंचने के दावे किए जाते है। लेकिन सड़क दुर्घटना की एक घटना से एंबुलेंस सेवा की तत्परता पर सवाल खड़े हो गए हैं। 
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घटना खिजराबाद क्षेत्र के खिजरी मोड़ का है। सोमवार सुबह ट्रक की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्ति घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के तुरंत बाद एंबुलेंस कंट्रोल रूम में फोन किया गया। लेकिन करीब 40 मिनट तक मौके पर कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची।

लोगाें ने एक टैक्सी को मंगवाकर घायलों को खिजराबाद अस्पताल पहुंचाया। दिलचस्प बात यह है कि कंट्रोल रूम में सरकारी एंबुलेंस से घायलों को खिजराबाद अस्पताल पहुंचाने की एंट्री की गई है।
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प्राइवेट वाहन से घायलाें को अस्पताल पहुंचाया
जिस जगह एक्सीडेंट हुआ, उसके समीप विक्की वालिया की दुकान है। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 7:45 बजे  ट्रक की टक्कर से दो बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए।

 लहूलुहान व्यक्तियों को तड़पता देखकर उन्होंने खिजराबाद निवासी इस्लाम के फोन से कंट्रोल रूम में फोन किया। लेकिन 20 मिनट तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद इस्लाम ने खुद 4-5 बार कंट्रोल रूम फोन किया। विक्की वालिया और इस्लाम ने बताया कि करीब 45 मिनट बाद लोगों ने खिजराबाद टैक्सी स्टैंड से एक इंडिका कार मंगवाई और दोनों घायलों को खिजराबाद अस्पताल पहुंचाया गया।

 विक्की वालिया ने कहा कि मौके पर एंबुलेंस नहीं पहुंची और घायलाें को प्राइवेट कार से अस्पताल पहुंचाया गया।

कंट्रोल रूम के रिकार्ड में एंबुलेंस ने उठाए घायल
कंट्रोल रूम के कर्मचारी के मुताबिक कॉल आते ही खिजराबाद स्वास्थ्य केंद्र के एंबुलेंस चालक को फौरन मौके पर पहुंचने के लिए कहा गया।

बाद में खिजराबाद स्वास्थ्य केंद्र की एंबुलेंस के चालक ने सूचना दी कि वह 8:25 बजे घटनास्थल पर पहुंच गया और दोनों घायलों को 8:35 बजे खिजराबाद अस्पताल पहुंचा दिया। इसकी एंट्री कंट्रोल रूम के रजिस्टर में भी की गई।

एक घायल की हालत गंभीर
घायल रणजीत और जसविंद्र लाहसाबाद के रहने वाले हैं। खिजराबाद अस्पताल पहुंचाने के बाद उन्हें दो अलग-अलग एंबूलेंस से ट्रामा सेंटर लाया गया। यहां रणजीत की हालत गंभीर होने पर उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया, लेकिन परिजन उसे शहर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है वहीं जसविंद्र का ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है।
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