संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में टीबी के साथ अब परिवार वालों की भी स्क्रीनिंग की जाएगी, जैसा कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य समुदाय में टीबी के प्रसार को रोकना और परिवार के सदस्यों की जांच करके संक्रमण को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित करना है।
जिले में वर्तमान में करीब तीन हजार टीबी के मरीज हैं। हालांकि टीबी का यह आंकड़ा और आगे नहीं बढ़ा है। लेकिन, इनकी संख्या अधिक न हो इसको लेकर स्क्रीनिंग की जा रही है। अभी तीन दिन पहले यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने भी तीन टीबी के मरीजों को गोद लिया है। जिनकी लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही।
वर्ष 2017 में 1673 मरीज, वर्ष 2018 में 2415 मरीज, वर्ष 2019 में 2937 मरीज, वर्ष 2020 में 2615 मरीज व वर्ष 2021 में 2897 मरीजों की पहचान स्वास्थ्य विभाग ने की थी। इन मरीजों का निशुल्क इलाज स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया गया। स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया था कि कुछ मरीज टीबी की दवाई बीच में छोड़ देते हैं। जिससे उनमें टीबी के लक्षण रहते हैं। ऐसा एक भी मरीज दस से 15 अन्य लोगों को संक्रमित कर सकता है। इसलिए ही जिन मरीजों का इलाज चल रहा है। उन मरीजों को पूरा इलाज कराना जरूरी होता है। कुछ मरीज अस्पताल तक नहीं पहुंचते और दवाई नहीं ले पाते। जिससे वह इलाज छोड़ देते हैं।
विधायक अरोड़ा ने तीन मरीज लिए गोद
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत शास्त्री कॉलोनी स्थित सामुदायिक केंद्र में 19 नवंबर को टीबी स्क्रीनिंग शिविर लगाया गया था। इस दौरान इसमें विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने निक्षय मित्र बनकर पांच टीबी मरीजों को गोद लिया। साथ ही सभी मरीजों को पोषण किट दी। उधर, टीबी मुक्त अभियान की नोडल अधिकारी डॉ. चारु ने बताया कि इस तरह के मरीजों की लगातार स्क्रीनिंग की जा रही है। जोकि लगातार चलेगी।
टीबी जैसी संक्रामक बीमारी पर नियंत्रण के लिए नियमित जांच व समय पर उपचार आवश्यक है। इसके लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं और टीबी मुक्त भारत बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में योगदान दें। हमारी सरकार टीबी मुक्त को लेकर लगातार कार्य कर रही है। -घनश्याम दास अरोड़ा, विधायक यमुनानगर।