शहर के एक बैंक मैनेजर और कर्मचारी पर महिला उपभोक्ता ने उसके एटीएम को बंद करने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। जिस कारण उसके खाते से किसी ने 59 हजार रुपये एटीएम से निकाल लिये। महिला ने उसके खाते से हजारों रुपये की राशि गायब होने पर बैंक कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया। जिस पर रादौर पुलिस ने प्रभावित महिला की शिकायत पर बैंक मैनेजर व कर्मचारी के खिलाफ धारा 420 व 120 बी के तहत जालसाजी का मामला दर्ज किया है।
गांव भगवानगढ़ निवासी गुलशन देवी ने रादौर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका शहर के एचडीएफसी बैंक में बचत खाता है। जिसका उसने एटीएम भी बनवाया हुआ है। वह अपने मायके फरीदाबाद गई हुई थी। उस दौरान उसका एटीएम कार्ड पैसे निकलवाते हुए मशीन में फंस गया। न तो मशीन से एटीएम निकला और न ही पैसे निकले। कुछ दिन बाद वह मायके से वापस लौटी और उसने बैंक में जाकर पासबुक में एंट्री करवाई तो उसने देखा कि 14 सिंतबर 2019 को उसके खाते से 10 हजार रुपये और एक हजार रुपये निकाले गए है। जिसकी शिकायत उसने बैंक मैनेजर को दी। उन्होंने कहा कि उनकी शिकायत पर उनके पैसे वापस खाते में आ जाएंगे। जिसके बाद उसने 18 सितंबर 2019 को अपने बैंक अकाऊंट का एटीएम बंद करवाने का आवेदन किया। जिसके बाद उसे आश्वासन दिया गया कि उसका एटीएम बंद कर दिया जायेगा और उसके पैसे खाते में वापस आ जाएंगे। लेकिन एटीएम बंद करवाने की दरखास्त देने के बाद भी उसके खाते से 48 हजार रुपये 24 जनवरी 2021 को दोबारा फिर निकल गये। बदरपुर बॉर्डर दिल्ली पर स्थित एक बैंक के एटीएम से किसी ने 10-10 हजार रुपये 4 बार व 8 हजार रुपये एक बार में निकाले। महिला का आरोप है कि उसके आवेदन करने के बावजूद बैंक मैनेजर व बैंक कर्मचारी ने लापरवाही बरती और उसका एटीएम बंद नहीं किया। जिस कारण उसे 48 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। बैंक कर्मचारियों ने उसके साथ धोखाधड़ी की है।
बैंक मैनेजर ने बताया कि उन पर लगाये गए आरोप बेबुनियाद है। महिला ने एटीएम बंद करवाने के लिए उन्हे कोई आवेदन नहीं दिया और न ही महिला कोई आवेदन देने बैंक आई। मामले को लेकर बैंक के अधिकारी शनिवार को जिला पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग करेगें।