संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल में हज यात्रा पर जाने से पहले मेडिकल कराने पहुंचे लोगों ने अस्पताल के फिजिशियन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर अभद्र व्यवहार करने और मेडिकल के फार्म व टेस्ट रिपोर्ट फेंकने का आरोप लगाया है। हज यात्रियों का कहना है कि वे दो दिन से अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। बाद में दूसरे डॉक्टर को बुलाकर मेडिकल प्रक्रिया पूरी कराई गई।
जल्द ही हज यात्रा शुरू होने वाली है। जिले से भी बड़ी संख्या में लोग हज यात्रा पर जाते हैं। यात्रा से पहले प्रत्येक यात्री का मेडिकल कराया जाता है, ताकि उसकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिल सके। इसके बाद मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र हज कमेटी दिल्ली में जमा कराने होते हैं। प्रमाण पत्र जमा कराने की अंतिम तिथि 14 सितंबर निर्धारित है।
हमीदा निवासी शाहिद अंसारी और उनकी पत्नी समीना ने बताया कि काफी संख्या में लोग वीरवार को मेडिकल कराने अस्पताल पहुंचे थे। कुछ लोगों के चेकअप और प्रमाण पत्र पर फिजिशियन के हस्ताक्षर नहीं हो पाए थे। उन्हें शुक्रवार को दोबारा बुलाया गया। उनका आरोप है कि फिजिशियन के केबिन के बाहर मौजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने पहले बाद में आने के लिए कहा।
कुछ देर बाद दोबारा पहुंचने पर कर्मचारी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने बताया कि मेडिकल प्रमाण पत्र पर केवल फिजिशियन के हस्ताक्षर होने थे। जब वे डॉक्टर के पास पहुंचे तो उन्होंने भी प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। यात्रियों का आरोप है कि उनके फार्म और टेस्ट रिपोर्ट जमीन पर फेंक दिए गए।
नगली-32 निवासी रमजान, सुबाना निवासी बहादुरपुर के मीर हसन और ताहरपुर कलां निवासी फकरूदीन ने भी इसी तरह के आरोप लगाए। बताया जा रहा है कि हज यात्रियों के मेडिकल को लेकर फिजिशियन और पीएमओ के बीच भी काफी बहस हुई। इसके बाद फिजिशियन के हस्ताक्षर नहीं करने पर डॉक्टर विष्णु को बुलाया गया।
बताया गया कि डॉक्टर विष्णु बुखार होने के कारण छुट्टी पर थे। अस्पताल के काउंटर से उनके नाम की पर्ची बनवाई गई और उसे हज यात्रियों की ओपीडी पर्ची पर चस्पाया गया। डॉक्टर विष्णु ने यात्रियों का चेकअप कर प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद मेडिकल प्रक्रिया पूरी हो सकी।
वर्जन:
फिजिशियन डॉ. आईएनएल कुमार ने हज यात्रियों के मेडिकल प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था। इसके बाद डॉक्टर विष्णु को बुलाया गया। सभी हज यात्रियों के मेडिकल करवा दिए गए हैं। - डॉ. विपुल गोयल, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।