बिलासपुर। खंड में सभी सरकारी व निजी स्कूल की यूडाइस की ट्रेनिंग कराई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीआरसी नरेश पाल ने की। प्रशिक्षण शिविर में मास्टर ट्रेनर के तौर पर विक्रमजीत सिंह ने यूडाइस प्रफाेर्मा के बारे में विस्तार से समझाया। यह यूडाइस फॉर्म हर साल भरा जाता हैं। इस साल भी इसके तीन मॉड्यूल मुख्य रूप से हैं। अपार आईडी, टीचर प्रोफाइल व स्टूडेंट प्रोफाइल। बीआरसी नरेश पाल ने सभी विद्यालयों को एक हफ्ते का समय देकर कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षक विक्रमजीत सिंह ने बताया कि छात्रों के लिए एक नई योजना के तहत ऑटोमेटिक परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्टर अपार आईडी बनाने का निर्देश जारी किया गया है। यह प्रक्रिया छात्रों के स्कूल द्वारा पूरी की जाएगी। सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से 12वीं कक्षा तक के छात्रों की जानकारी अब सिर्फ एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। इसके अलावा, अगर किसी छात्र की मार्कशीट या अन्य शैक्षणिक दस्तावेज खो जाते हैं, तो अब चिंता की कोई बात नहीं होगी। छात्रों के लिए एक नई योजना के तहत ऑटोमेटिक परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्टर के तहत पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। यह पहल भारत सरकार की वन नेशन, वन आईडी योजना का हिस्सा है। आपार आईडी के माध्यम से फर्जी दस्तावेज बनवाने की संभावनाएं समाप्त हो जाएंगी। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि योग्य उम्मीदवारों को नौकरी पाने में भी आसानी होगी। अब नियोक्ता एक क्लिक में उम्मीदवार की शैक्षणिक जानकारी सत्यापित कर सकते हैं, जिससे फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी पाने वालों पर रोक लग सकेगी। इस योजना के तहत छात्रों को 12 अंकों का यूनिक नंबर मिलेगा। इस यूनिक नंबर के जरिए छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन, मासिक और वार्षिक परीक्षाओं के परिणाम, उपस्थिति और पीटीएम रिकॉर्ड जैसी सभी जानकारियां डिजिटल तौर पर उपलब्ध रहेंगी। प्रशिक्षण में रमन कोऑर्डिनेटर सचिन नागपाल मौजूद रहे।