यमुनानगर। शहर की औद्योगिक क्षेत्र और जोड़ियो स्थित प्लाईवुड फैक्टरियों में टेक्निकल ग्रेड की जगह कृषि योग्य यूरिया इस्तेमाल किया जा रहा था। इसका खुलासा कृषि विभाग द्वारा 20 मई को फैक्टरियों में रेड कर लिए नमूनों की रिपोर्ट आने पर हुआ। रिपोर्ट में जो यूरिया फैक्टरियों से मिला था, वह कृषि योग्य यूरिया थी। रिपोर्ट आने के बाद कृषि एवं कल्याण विभाग के गुण नियंत्रण निरीक्षक बाल मुकुंद ने इसकी शिकायत संबंधित थाना पुलिस को दी गई।
शहर थाना पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र स्थित एमएस ग्लोब पेनल इंडस्ट्रीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और फर्कपुर थाना पुलिस ने जोडियो स्थित नीलगिरी वुड क्राफ्ट के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। गुण नियंत्रण निरीक्षक बाल मुकुंद ने बताया कि फैक्टियों में कृषि योग्य यूरिया का प्रयोग रोकने के लिए 20 मई को औद्योगिक क्षेत्र स्थित एमएस ग्लोब पेनल इंडस्ट्रीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और जोडियो स्थित नीलगिरी वुड क्राफ्ट में रेड की गई थी। रेड के दौरान ग्लोब पेनल इंडस्ट्रीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से तीन सील बंद यूरिया के बैग पाए गए थे। इसी तरह नीलगिरी वुड क्राफ्ट से तीन खुले यूरिया के बैग मिले थे। जिस पर टेक्निकल ग्रेड यूरिया लिखा हुआ था। इसमें से यूरिया का नमूने लेकर जांच के लिए सेंट्रल फर्टिलाइजर लेबोरेटरी फरीदाबाद में भेजवाया गया था। अब रिपोर्ट आई जिसमें टेक्निकल ग्रेड यूरिया में नीम ऑयल कंटेंट मिला है। कृषि योग्य यूरिया पर केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी मिलती है। इसे कमर्शियल में प्रयोग नहीं किया जा सकता। नमूने फेल होने से इसकी पुष्टि हो गई है कि टेक्निकल ग्रेड की बोरी के अंदर कृषि योग्य यूरिया डालकर उसका कमर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा था। बाल मुकुंद की शिकायत पर दोनों फैक्टियों पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिए है।