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Yamuna Nagar News: भुगतान घटा तो कुत्तों की नसबंदी करने से पीछे हटीं एजेंसियां, पशुपालन विभाग से मांगी मदद

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यमुनानगर के ताउ देवी लाल कांप्लेक्स में घूमते बेसहारा कुत्ते। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए नगर निगम की ओर से किए जा रहे प्रयास भुगतान दर कम होने के कारण अटक गए हैं। सरकार की ओर से कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए प्रति कुत्ता भुगतान 1500 रुपये से घटाकर 800 रुपये किए जाने के बाद कोई एजेंसी काम करने के लिए आगे नहीं आ रही है। ऐसे में नगर निगम ने अब पशुपालन विभाग से मदद मांगी है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि पशुपालन विभाग के संपर्क में नसबंदी का काम करने वाली एजेंसियां हो सकती हैं। इनके माध्यम से शहर में अभियान को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। नगर निगम शहर में 21,500 अतिरिक्त आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए अब तक पांच बार निविदा जारी कर चुका है, लेकिन हर बार एजेंसियों ने रुचि नहीं दिखाई। शहर में वर्तमान में 40 हजार से अधिक कुत्ते होने का अनुमान है। गली-मोहल्लों और मुख्य सड़कों पर कुत्तों के झुंड दिखाई देते हैं। राहगीरों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के कुत्तों के हमले का शिकार होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
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नवंबर 2025 में 1500 रुपये की दर से दिया था ठेका
नगर निगम ने नवंबर 2025 में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान शुरू किया था। पहले से काम कर रही एजेंसी को दिसंबर 2026 तक 6,500 कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य दिया गया था। इसके लिए 1500 रुपये प्रति कुत्ता की दर से वर्क ऑर्डर जारी किया गया था। हालांकि अब तक करीब 4,500 कुत्तों की ही नसबंदी हो सकी है। इसके बाद बढ़ती समस्या को देखते हुए निगम ने 21,500 अतिरिक्त कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए अलग से निविदा जारी की। इसी बीच सरकार ने भुगतान दर घटाकर 800 रुपये कर दी। कम भुगतान के कारण एजेंसियों ने टेंडर प्रक्रिया से दूरी बना ली।


डेढ़ साल में 17,582 लोगों को काट चुके हैं कुत्ते
शहर में डेढ़ साल के दौरान 17,582 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए हैं। वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में जनवरी में 1,311, फरवरी में 1,321, मार्च में 1,318, अप्रैल में 1,291, मई में 1,086 और जून में 950 मामले सामने आए। गर्मी बढ़ने के साथ मामलों में कुछ कमी आई है, लेकिन समस्या अब भी बनी हुई है।
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आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण शहर की प्राथमिकता है। एजेंसी नहीं मिलने के कारण अभियान प्रभावित न हो, इसके लिए पशुपालन विभाग से भी सहयोग मांगा गया है। विभाग के संपर्क में आने वाली एजेंसियों से बातचीत कर नसबंदी अभियान को गति देने का प्रयास किया जाएगा।
- सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।
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