यमुनानगर। लीगल एड डिफेंस काउंसिल योजना के विरोध में जिला बार एसोसिएशन डीबीए जगाधरी के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार किया। कार्य बहिष्कार का आज दूसरा दिन रहा।
पंजाब बार एसोसिएशनों की संयुक्त कार्रवाई समिति के आह्वान पर जिला बार की कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से नो वर्क का निर्णय लिया था। जिला न्यायालय यमुनानगर-जगाधरी की विभिन्न अदालतों में अधिवक्ता नियमित मामलों की सुनवाई के दौरान पेश नहीं हुए। जिला बार एसोसिएशन की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि एलएडीसी योजना स्वतंत्र वकालत के पेशे के हितों के विपरीत है।
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अधिवक्ताओं का कहना है कि इस योजना से लंबे समय से प्रैक्टिस कर रहे वकीलों के अधिकार और हित प्रभावित हो सकते हैं। इसी को लेकर अधिवक्ताओं ने योजना को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई और आंदोलन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया। बार एसोसिएशन ने बताया कि न्यायिक कार्य बहिष्कार शांतिपूर्ण तरीके से किया गया। सभी अधिवक्ताओं ने इसमें सहयोग करते हुए अपनी एकजुटता दिखाई।
हालांकि ऐसे मामलों में जहां किसी पक्ष को प्रतिकूल आदेश का खतरा था या केवल अगली तारीख लेने की आवश्यकता थी, वहां सीमित उद्देश्य के लिए प्रॉक्सी अधिवक्ताओं को अदालत में पेश होने की अनुमति दी गई। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रांत सिंह चौहान ने कहा कि एलएडीसी योजना के खिलाफ अधिवक्ता समुदाय का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार योजना पर पुनर्विचार कर इसे वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने न्यायिक कार्य बहिष्कार को सफल बनाने के लिए सभी अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया।