संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के सभी राजकीय व सहायता प्राप्त कॉलेजों में अपेक्षाकृत 50 प्रतिशत दाखिले हो गए हैं। परंतु, फिर भी 50 प्रतिशत सीटें अभी भी खाली पड़ी हैं। कई कॉलेज तो ऐसे जिसमें 25 प्रतिशत ही दाखिले हो पाए हैं। यह हाल केवल राजकीय ही नहीं बल्कि सहायता प्राप्त कॉलेजों व निजी कॉलेजों का भी है।
बात करें तो सरकारी को छोड़ निजी कॉलेजों का भी काफी बुराहाल है। देखने में आ रहा है निजी काॅलेजों की भी सीटें नहीं भर पाई हैं। दाखिले कम होने से प्रबंधन भी परेशान हैं। सबसे ज्यादा बुराहाल सामान्य कोर्स वाले कॉलेजों का है। वहीं, बीबीए, बीसीए व व्यावसायिक कोर्सिस की सीटें तो भर गई हैं, लेकिन बीए, बीकॉम, बीएससी की अधिकांश सीटें खाली हैं।
उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से दाखिला तिथि बढ़ाने के बाद कॉलेज विद्यार्थियों को लुभाने के प्रयास में जुट गए हैं। इसके लिए आसपास के स्कूलों से संपर्क कर 12वीं पास विद्यार्थियों की सूची लेकर संपर्क कर रहे हैं। वहीं स्नातक व स्नातकोत्तर में दाखिले से चूके युवाओं को डीएचई (उच्च शिक्षा निदेशालय) ने एक मौका दिया है। डीएचई ने दाखिले के लिए 30 सितंबर तक ऑनलाइन दाखिला पोर्टल खोल दिया है। यानी पंजीकरण के लिए दस दिन और मिल गए हैं। इस बार महाविद्यालयों में दाखिला लेने की विद्यार्थियों में उत्साह व रुझान नहीं दिख रहा है। जिले के तमाम राजकीय व एडिड महाविद्यालयों में स्नातक की काफी सीटें खाली हैं।
वर्जन
कॉलेजों में दाखिले के लिए 30 सितंबर तक तिथि बढ़ा दी गई है। इस दौरान ओपन काउंसलिंग से दाखिले दिए जाएंगे। पहली बार ऐसा देखने में आ रहा है कॉलेज में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम है। - सुमन बाला, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी।