ओवरलोड वाहनों से उगाही के मामले में एक दिन पहले गिरफ्तार हुए यमुनानगर के एडिशनल डीटीओ रमित यादव और करनाल के मोटर व्हीकल ऑफिसर जसमेर सिंह को विजिलेंस ने शनिवार को अदालत में पेश किया। विजिलेंस ने दोनों अधिकारियों का अदालत से चार दिन का रिमांड मांगा, लेकिन अदालत ने तीन दिन का रिमांड मंजूर किया। विजिलेंस के अनुसार दोनों अधिकारी खनन सामग्री व ओवरलोड वाहन चालकों व मालिकों से एजेंटों के माध्यम से मंथली वसूलते थे।
दोनों अधिकारियों के तार पूर्व में गिरफ्तार किए गए यमुनानगर के डीटीओ सुभाष से जुड़े हुए थे। रमित यादव से विजिलेंस ने 10 लाख 24 हजार रुपये बरामद किए हैं। डीटोओ सुभाष व दलालों की गिरफ्तारी के बाद ही विजिलेंस के हाथ एडिशनल डीटीओ रमित यादव व इंस्पेक्टर जसमेर के गिरेबान तक पहुंचे। दलालों के माध्यम से अंबाला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र और पंचकूला मार्गों पर ओवरलोड व अवैध खनन से भरे वाहन चालकों से मंथली वसूल की जाती थी।
करनाल विजिलेंस ने शुक्रवार देर शाम अंबाला के डीटीओ रमित यादव व करनाल के मोटर व्हीकल ऑफिसर कम इंस्पेक्टर जसमेर को गिरफ्तार किया था। रमित यादव को 18 अक्तूबर को ही यमुनानगर का अतिरिक्त कार्यभार मिला था। डीटीओ रमित यादव मूल रूप से झज्जर जिला के रहने वाला है। वहीं जसमेर वर्ष 2012 में भर्ती हुआ था। वह कबड्डी का खिलाड़ी है और एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुका है।
करनाल विजिलेंस इंस्पेक्टर सचिन ने बताया कि पूर्व में पांच दलाल गिरफ्तार किए गए थे। उनसे करीब 71 लाख की रिकवरी हुई थी। उन दलालों की पूछताछ के बाद यमुनानगर के डीटीओ डॉक्टर सुभाष चंद्र को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले गिरफ्तार दलाल सोनू जगाधरी व सुनील कुमार वासी गांव धौलरा के दलाल ने बताया कि वे ओवरलोड व कॉमर्शियल वाहनों की मंथली डीटीओ रमित यादव को भी देते थे। वहीं आरटीए करनाल का एमवीओ जसमेर पूर्व के डीटीओ डॉ. सुभाष चंद्र के लिए करनाल से मंथली इकट्ठा करता था। इंस्पेक्टर सचिन ने बताया कि मामला करोड़ों के भ्रष्टाचार और कई हजार वाहन निकालने का है। इस मामले में डीजीपी शत्रुजीत कपूर की ओर से एक एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी में डीएसपी नरेंद्र कादियान, इंस्पेक्टर सचिन व इंस्पेक्टर अमित शामिल है। अब ये एसआईटी पूरे मामले की जांच करेगी।
शामली यूपी निवासी ट्रांसपोर्टर अख्तर ने करनाल विजिलेंस को शिकायत दी थी कि यमुनानगर व करनाल के डीटीओ डॉ. सुभाष चंद्र ओवरलोड वाहनों को निकलवाने के लिए मंथली लेते हैं। नौ अक्टूबर को शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये लेते पंसारी बाजार निवासी अंकित व उसके साथी लवली को पकड़ा गया। इसके बाद बाईपास रोड से गांधी धाम कालोनी निवासी नीरज को 1.76 लाख रुपये के साथ पकड़ा। अंकित के घर से छह लाख 47 हजार रुपये भी विजिलेंस ने बरामद किए थे। इसके बाद एक अन्य दलाल संदीप को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर उससे 27 लाख रुपये बरामद हुए थे। पहले इस मामले में यमुनानगर व करनाल के जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) डा. सुभाष चंद्र व चार अन्य दलालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उनसे 66 लाख रुपये भी बरामद किए जा चुके हैं। अकेले डीटीओ से 30 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। उसके बाद पकडे़ गए दलाल सुनील कुमार वासी गांव धौलरा से पांच लाख रिकवर हुए थे। अब इस मामले में डीटीओ रमित यादव व इंस्पेक्टर जसमेर को गिरफ्तार किया गया है।