संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। किरायेदारों, घरेलू नौकरों व बाहरी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन न कराने पर मकान मालिकों, दुकानदारों और संस्थान संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सत्यापन में लापरवाही के कारण कई बार गंभीर आपराधिक घटनाएं सामने आती हैं, जिससे न केवल आमजन की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि पुलिस जांच में भी कठिनाई आती है। यह बात एसपी कमलदीप गोयल ने कही।
एसपी ने कहा कि जिला पुलिस प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में आमजन से अपील की गई है कि वे अपने घरों में रह रहे किरायेदारों तथा फैक्ट्रियों, होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंट व अन्य संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों की अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन करवाएं। कई अपराधी बाहरी राज्यों से आकर किराये पर रहते हैं या नौकरी करते हैं और वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। ऐसे मामलों में न तो मकान या संस्थान मालिकों के पास उनका पूरा रिकॉर्ड होता है और न ही पुलिस के पास, जिससे अपराधियों की पहचान में देरी होती है।
यदि पुलिस रिकॉर्ड में पहले से ही किरायेदार या कर्मचारी की जानकारी मौजूद हो, तो किसी भी आपराधिक घटना के बाद आरोपी को पकड़ना आसान हो जाता है और वह पुलिस की नजरों से बच नहीं पाता। एसपी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी संस्थान, फैक्ट्रियां, ठेकेदार, होटल व रेस्टोरेंट संचालक अपने यहां कार्यरत स्थानीय व बाहरी कर्मचारियों का सत्यापन कराएं और उनके आधार कार्ड की प्रति अपने पास रखें। यदि बिना सत्यापन के कोई किरायेदार या नौकर किसी आपराधिक वारदात में शामिल पाया जाता है, तो संबंधित मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।