फास्ट ट्रैक कोर्ट ने महिला की अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल कर 9 माह तक दुष्कर्म करने और तेजाब पिलाने के मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। कोर्ट में अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित नहीं कर पाया। इस पर कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया। लगभग साढ़े तीन साल तक कोर्ट में चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।
ये है मामला
जगाधरी की एक कॉलोनी निवासी महिला ने महिला थाना पुलिस में शिकायत दी थी कि उसकी कॉलोनी के ही हनी के साथ उसकी जान पहचान थी। 15 अक्तूबर 2016 को उसने नहाते हुए उसकी वीडियो बना ली। कुछ दिनों के बाद हनी ने उसे वह वीडियो दिखाई और धमकी दी कि अगर वह उसके कहने पर नहीं चलेगी तो उस वीडियो को व्हाट्सएप और फेसबुक पर डाल देगा। आरोप है कि इस वीडियो को लेकर वह 9 माह तक उसके साथ गलत काम करता रहा। आरोप था कि इस दौरान आरोपी ने उससे चार लाख रुपये की मांग की तो उसने इस बारे में उसके परिजनों को बताया। महिला का आरोप था कि एक दिन वह घर पर अकेली थी। तभी वहां पर आरोपी हनी, उसकी दादी, मां और भाई आया। आरोप था कि इस दौरान उन्होंने उसे जबरदस्ती पकड़ा और तेजाब पिलाकर वहां से फरार हो गए। उसने अपने पति को इसकी सूचना दी। वे मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए थे। सात जुलाई 2017 को पुलिस ने केस दर्ज किया था।