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Yamuna Nagar News: एमटीपी किट ऑनलाइन बेचने का आरोपी गिरफ्तार

Tue, 04 Mar 2025 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। भ्रूण हत्या व अनचाहे गर्भ से बचाव में इस्तेमाल होने वाली एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) किट को ऑनलाइन बेचने वाले आरोपी को सोनीपत एसआईटी की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इंडिया मार्केटो के प्रोपराइटर कालगीगंज, बिहार के कहल भागलपुर गांव निवासी रितेश कुमार को छह दिन के रिमांड पर लिया है।
आरोपी पर यमुनानगर के थाना हुडा में भी केस दर्ज है। इस पर स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी टीम हुडा थाना पुलिस के साथ आरोपी को पकड़ने के लिए बिहार गई थी। आरोप है कि हुडा पुलिस स्वास्थ्य विभाग की टीम को बिहार में ही छोड़ कर वापस आ गई। पीएनडीटी के नोडल ऑफिसर इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के एसीएस व एसपी को पत्र लिखने की बात कह रहे हैं।
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एमटीपी किट ऑनलाइन बेचने के गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, सोनीपत व यमुनानगर में केस दर्ज हुए थे। आरोपी रितेश इंडिया मार्केटो शॉपिंग वेबसाइट पर सामान के साथ एमटीपी किट भी बेचता था। वह किराये पर कमरा लेकर उसमें ही सारा काम कर रहा था। पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. विपिन गोंदवाल की शिकायत पर 16 फरवरी को रितेश के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। उसे पकड़ने के लिए फरवरी के आखिरी सप्ताह में पीएनडीटी के नोडल ऑफिसर समेत अन्य टीम हुडा थाना पुलिस के साथ बिहार में गई थी। दो दिन तक टीम वहीं पर रही।
आरोप है कि पुलिस पीएनडीटी की पूरी टीम को वहीं छोड़ कर वापस लौट आई। इससे पीएनडीटी को आरोपियों से खतरा भी हो सकता था। डॉ. विपिन गोंदवाल ने केस दर्ज कराया था कि स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि एमटीपी किट की अवैध रूप से ऑनलाइन सप्लाई की जा रही है। इसकी छानबीन की गई तो पता चला कि यह किट इंडिया मार्केटो शॉपिंग साइट पर उपलब्ध है।
 उनकी देखरेख में एमटीपी किट की अवैध ऑनलाइन बिक्री की जांच के लिए नागरिक अस्पताल जगाधरी की ड्रग्स इंस्पेक्टर बिंदु धीमान की टीम का गठन किया गया। टीम ने 11 फरवरी को पांच एमटीपी किट खरीदने के लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन ऑर्डर किया। जिनकी कीमत करीब 1950 रुपये थी। 12 फरवरी को कंपनी ने उनके ऑर्डर को कंफर्म कर दिया। 16 फरवरी को कंपनी द्वारा भेजे गए पार्सल को उनके कार्यालय में भेजा गया।
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हुडा थाना प्रभारी रजत शर्मा का कहना है कि बिहार में पीएनडीटी टीम को पूरा सहयोग किया था। बिहार पुलिस भी साथ में थी। बिहार पुलिस के सहयोग से ही गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम अपनी मर्जी अनुसार दबिश दिलवा रही थी। इसके लिए बिहार पुलिस ने कहा भी था कि रात के बजाय दिन में ही दबिश दी जाएगी।आरोप निराधार है।
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