शादीपुर स्थित प्लाईवुड फैक्टरी में काम करते हुए 25 वर्षीय श्रमिक पर प्लाई का ढेर गिर गया। जब तक उसे अस्पताल लाया गया, तब तक उसकी मौत हो गई। युवक की मौत पर साथी श्रमिकों ने जब विरोध जताना चाह तो फैक्टरी मैनेजर ने उन्हें चुप करवा दिया। श्रमिक की मौत फैक्टरी में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम न होना बताया जा रहा है। जिस कारण प्रबंधन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। श्रमिक की मौत के बाद प्रबंधन सदस्य शव सिविल अस्पताल के मोर्चरी ले आए। यहां आने की फैक्टरी के किसी मजदूर को सूचना नहीं दी गई। पोस्टमार्टम हाउस पर जब परिचितों ने इस पर एतराज जताया तो प्रबंधकों ने हर संभव सहायता करने का आश्वासन दिया और पुलिस को हादसे के कारण लापरवाही न बताने को कहा।
हादसा शुक्रवार दोपहर बाद करीब तीन साढ़े तीन बजे खजूरी रोड स्थित बीके प्लाईवुड में हुआ। सूचना पर हमीदा चौकी पुलिस ने मौका मुआयना किया। देर होने के कारण श्रमिक का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। मृतक की पहचान बिहार के शिवहर जिला के गांव अंबकला निवासी 25 वर्षीय अबोध राम के रूप में हुई। अबोध राम करीब तीन माह से बीके प्लाईवुड में काम कर रहा था। बिहार निवासी कौशल कुमार ने बताया कि वह खजूरी रोड स्थित किसी दूसरी फैक्टरी में काम करता है। उसकी और अबोध राम की पहले से दोस्ती और एक ही जगह के रहने वाले हैं। शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे उसे बीके प्लाईवुड फैक्टरी से किसी का फोन आया है कि अबोध राम काम करते हुए गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसे अस्पताल ले गए हैं। जब उसने दोबारा फोन करके पता किया तो मालूम हुआ कि अबोध की मौत हो गई है। पोस्टमार्टम हाउस पर फैक्टरी मैनेजर विपिन व ठेकेदार अजय मौजूद रहे। वहीं दूसरे इकाइयों के श्रमिक थे। लेकिन फैक्टरी का कोई मजदूर नहीं था। इस दौरान प्रवासी मजदूरों के लिए काम कर रही श्रीमानव सेवा समिति ट्रस्ट के सदस्य वहां पहुंच गए। ट्रस्ट संस्थापक ने जब मैनेजर से मृतक श्रमिक के ईएसआई कार्ड व अन्य कागज मांगे तो उन्होंने मामला दबाने का प्रयास किया। जिस पर ट्रस्ट सदस्य भड़क गए और पुलिस से मामले में लापरवाही के कारण मौत का केस दर्ज करवाने की बात मांग की। पुलिस ने कहा सूचना सिविल अस्पताल की ओर से मिली थी। जिसके बाद मौका मुआयना किया। अभी मामले में परिजनों के बयान होने बाकी हैं। परिजन जो शिकायत देंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। किसी प्रकार की इसमें ढीली नहीं बरती जाएगी।
बीके प्लाईवुड फैक्टरी के मैनेजर विपिन ने बताया कि हादसे के समय वे मौके पर थे। बताया कि दोपहर को खाना खाने के बाद सभी श्रमिक काम कर रहे थे। इस दौरान प्रेस से प्लाई पत्ता निकाला जा रहा था। यह पत्ता हैंड ट्राली में लोड कर दूसरी स्थान पर भेजा जा रहा था। अबोध इसी ट्राली पर काम कर रहा था। इस दौरान प्लाई ज्यादा हो गई तो ढ़ेर का संतुलन बिगड़ गया और अचानक गिर गई। अबोध इसकी चपेट में आकर घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
खजूरी रोड स्थित बीके प्लाईवुड स्थित फैक्टरी की गिनती बड़ी इकाइयों में की जाती है। इस फैक्टरी में तीन सौ से ज्यादा मजदूर काम करते हैं। लेकिन हादसे के बाद अस्पताल में एक भी मजदूर नहीं आया। हादसे की सूचना पर दूसरी ईकाइयों में काम करने वाले श्रमिक पहुंच गए। लेकिन बीके का कोई भी श्रमिक वहां नहीं पहुंचाया। इस दौरान पता किया गया तो ज्ञात हुआ प्रबंधन की ओर से वहां आने की अनुमति नहीं दी गई।
फैक्टरी में हादसे के कारण अब तक कई श्रमिक जान गवां चुके हैं। इसका कारण यहां सुरक्षा का बंदोबस्त न होना है। बीके प्लाईवुड में भी सुरक्षा का कोई बंदोबस्त नहीं है। किसी श्रमिक के पास हेलमेट, रबड़ के जूते इत्यादि नहीं हैं। वहीं किसी भी श्रमिक के पास ईएसआई कार्ड नहीं बना हुआ है।