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हादसे में युवक की मौत, परिजनों का आरोप इलाज न मिलने से गई जान

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सड़क हादसे में घायल युवक की मौत की वजह इलाज न मिलना बताकर परिजनों ने ट्रामा सेंटर में हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि चिकित्स युवक को रेफर करने में लगे रहे। समय पर इलाज ने मिल पाने के कारण युवक की मौत हुई। हंगामा करते परिजनों को पुलिस व ट्रामा सेंटर इंचार्ज ने आश्वासन देकर शांत किया। हादसा शुक्रवार देर शाम हुडा सेक्टर-18 के पास हुआ था। घायल युवक को पहले जगाधरी सिविल ले जाया गया, जहां से उसे ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रामा सेंटर से घायल को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया। इस दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। गांव चाहड़ों निवासी युवक बाइक से औरंगाबाद स्थित अपनी ससुराल जा रहा था। इस दौरान ट्रैक्टर-ट्राली चालक ने उसे टक्कर मार दी थी। फिलहाल मामले में पुलिस ने अज्ञात ट्रैक्टर-ट्राली चालक के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। वहीं पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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गांव चाहड़ों निवासी पवन कुमार ने बताया कि उसका 22 वर्षीय बेटा प्रिंस शुक्रवार देर शाम औरंगाबाद स्थित अपनी ससुराल जाने के लिए निकला था। जब हुडा सेक्टर-18 के पास पहुंचा तो तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राली चालक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर से प्रिंस सड़क से दूर जा गिरा, जबकि चालक वाहन सहित फरार हो गया। लोगों ने उसे जगाधरी सिविल अस्पताल पहुंचाया। पवन ने बताया कि जब वे अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सकों ने प्रिंस को ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रामा सेंटर पहुंचने पर यहां चिकित्सक नहीं मिले। जब चिकित्सक आए तो उन्होंने प्रिंस को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। पवन ने आरोप लगाया कि चिकित्सक घायल को इधर उधर रेफर करने में ही लगे रहे। जिस कारण उसे समय से इलाज न मिल सका। जिससे उसकी मौत हो गई। पिता ने आरोप लगाया कि यदि चोट गहरी थी तो प्रिंस को जगाधरी में प्राथमिक उपचार देकर ट्रामा सेंटर की जगह पीजीआई क्यों नहीं रेफर किया गया। हंगामा करते परिजनों को ट्रामा सेंटर इंचार्ज व पुलिस ने शांत किया और आश्वासन दिया। पुलिस ने पिता की शिकायत पर अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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