रेलवे की बराडा साइट से कलानौर साइट देखने बलेरो कार में जा रहे इंजीनियर दिनेश पाल की कैंटर की टक्कर लगने से मौत हो गई। जबकि उसका साथ ओमप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसका उपचार पीजीआई में चल रहा है। हादसा इतना तेज हुआ कि दोनों वाहन बाइपास से नीचे गदानों में गिर गए। पुलिस ने आरोपी कैंटर चालक के खिलाफ केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
कुरुक्षेत्र के गांव गुडी निवासी जसबीर सिंह ने बताया कि वह जम्मू कॉलोनी में रहता है और नवकार ग्लोवल इंफरा कंपनी में बतौर सुपरवाईजर का काम करता है। उसने बताया कि हमारी कम्पनी में यूपी के मुरादाबाद जिले के गांव सरताल निवासी दिनेश पाल बतौर इंजीनियर काम करता था। कम्पनी ने रेलवे लाइन बनाने का काम ले रखा है। हमारी कम्पनी का काम बराड़ा भी चल रहा है। 31 जुलाई को इंजीनियर दिनेश पाल व ओम प्रकाश बराड़ा साईट से बलेरो लेकर कलानौर साईट पर आने के लिए चले थे। उसे व कंपनी कर्मी चंद मोहन दिनेश पाल व ओम प्रकाश से टोल टेक्स के पास मिले थे। हम सभी कलानौर आने के लिए वहां से चल पड़े। वह और चन्द्र मोहन अपनी बाइक पर थे। जबकि दिनेश पाल व ओमप्रकाश की बलेरो नेशनल हाईवे 344 के कैल कलानौर बाइपास पर गांव भूतमाजरा के पास पहुंचे तो किसी कारण से भुतमाजरा के पास हाईवे की एक साइड ही चल रही थी। तभी तेज रफ़्तार कैंटर चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी बलेरो में टक्कर मार दी। कैंटर की सीधी टक्कर दिनेश पाल की बलेरो में लगी। टक्कर लगते ही दोनों गाड़ियां सड़क से नीचे खदानों में गिर गई और दिनेश पाल वा ओमप्रकाश को काफी चोटे लगी। बलेरो कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद आरोपी कैंटर चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद मौके पर भीड़ लग गई। उन्होंने घायल दिनेश व ओमप्रकाश को जगाधरी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से दोनों की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। पीजीआई में इलाज के दौरान इंजीनियर दिनेश पाल की मौत हो गई। जबकि ओमप्रकाश का उपचार दिया गया। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक दिनेश के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने आरोपी कैंटर चालक के खिलाफ केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।