भूड़कलां गांव के पास पत्थरों से भी ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक सवार युवकों कुचल दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पर सवार युवक कई फीट ऊपर उछलकर तेजी से सड़क पर गिर गए। जिससे दोनों का सिर पक्की सड़क पर जा लगा। दुर्घटना के बाद चालक घायलों को अस्पताल पहुंचाने की बजाय ट्रैक्टर समेत मौके से फरार हो गया। कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों ने दो युवकों को सड़क पर तड़पते पाया तो उन्हें प्राइवेट वाहन से प्रताप नगर के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए यमुनानगर ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। जहां एक युवक को मृत घोषित कर दिया। जबकि उसके दोस्त की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं घटना से ग्रामीणों में रोष बन गया और उन्होंने ओवरलोड पर रोक लगाने की मांग की।
भूडकलां निवासी सुनील कई साल से अपनी बहन के पास रह रहा था। रविवार शाम को वह अपने दोस्त सुमित के साथ बाइक पर सवार होकर भूड़कला से देवधर में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। जब वे बीच रास्ते में पहुंचे तो पत्थरों से भरे ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली से उनकी बाइक टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर लगते ही दोनों युवक करीब पांच फीट ऊपर उछले और तेजी से सड़क पर गिर गए। जिससे उनके सिर पर गहरी चोट आई। लोगों ने खून से लथपथ दोनों युवकों को सड़क से उठाया और अस्पताल लेकर पहुंचे।
परिजनों के मुताबिक दोनों युवक माइनिंग जोन में मजदूरी करके परिवार का पेट भर रहे थे। सुनील जहां अपनी बहन के पास रहकर काम करता था। वहीं सुमित पर भी परिवार की जिम्मेदारी थी। दोनों परिवार में कमाने वाले इकलौते थे। शाम को जैसे ही उनकी मौत की खबर घर पहुंची तो परिवारवालों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों को यकीन नहीं आया कि कुछ घंटे पहले जब वे हंसी खुशी के साथ घर से निकले थे, अब उनकी मौत की खबर वापस लौटी है।वर्जन
-जांच अधिकारी ओमप्रकाश का कहना है कि ट्रैक्टर ट्रॉली का अभी पता नहीं चल सका है। घायल युवक भी अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जा रहे हैं। फिलहाल अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जल्द ही वाहन की पहचान कर आरोपी चालक को पकड़ लिया जाएगा।
जिले में ओवरलोड वाहनों का आतंक रोजाना कई जिंदगियां लील रहा है। प्रतिदिन ओवरलोडिंग ट्रकों, ट्रॉलियों व अन्य चौपहिया वाहनों के कारण हादसे हो रहे हैं। जिले में अकेले नवंबर माह में विभिन्न सड़क दुर्घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें से 10 लोगों की मौत ओवरलोड वाहनों के चलते हुई है। शहर के बीच व नेशनल हाइवे से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों पर आरटीए व पुलिस प्रशासन द्वारा शिकंजा न कसने के कारण इनका आतंक लगातार जारी है। भारी ओवरलोडिड वाहनों के कारण सड़कें भी धंस जाती हैं। इस वर्ष में जिले में ओवरलोड वाहनों के कारण हुए हादसों में 50 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और 100 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। कार्रवाई के नाम पर आरटीए चालान करके खानापूर्ति करते हैं। जबकि ठोस कार्रवाई के लिए कोई कदम नहीं उठाएं जा रहे हैं। जिससे जिले के लोगों को खौफ के साये में सड़कों पर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है।