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स्टेयरिंग फेल होने से गड्ढे में पलटी स्कूल बस, चार बच्चे घायल

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कोट से ताहरपुर जाने वाले सड़क पर बनसंतोर जंगल के पास बच्चों से भरी एक स्कूल बस स्टेयरिंग फेल होने से गड्ढे में पलट गई। बस में क्षमता से अधिक बच्चे भरे हुए थे। बस पलटने की बच्चों की चीख-पुकार मच गई। जिसे देखकर राहगीर बच्चों को बचाने के लिए दौड़े। उन्होंने शीशे तोड़कर दुर्घटनाग्रस्त बस से बच्चों को बाहर निकाला। हादसे में चार बच्चों को गंभीर चोट आई है। जबकि कुछ बच्चे मामूली रूप से घायल हुए। हादसे की जानकारी मिलते ही काफी संख्या में आसपास के गांव से ग्रामीण और अभिभावक मौके पर दौड़ पड़े। घायल बच्चों को परिजन कोट के सरकारी अस्पताल और निजी अस्पतालों में उपचार कराने के लिए ले गए।
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कपाल मोचन एमवीवीडीएवी स्कूल की बस छुट्टी के समय बच्चों को छोड़ने के लिए कोट से ताहरपुर जा रही थी। बस जैसे ही बनसंतोर जंगल के पास पहुंची तो अचानक ड्राइवर का बस से नियंत्रण खो गया और बस खाई में पलट गई। ड्राइवर की लापरवाही से नाराज क्षेत्र के लोगों और बच्चों के परिजनों ने बस ड्राइवर व स्कूल प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। परिजनों का कहना है बस में क्षमता से अधिक बच्चे बैठाएं गए थे। चालक की लापरवाही से यह बड़ा हादसा हुआ है। लोगों का कहना है कि बस में महिला पर परिचालक भी मौजूद नहीं थी। बस रॉन्ग साइड में पलटी हुई थी। जिसे देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि बस चालक लापरवाही से तेज रफ्तार में बस चला रहा था। जिसकी लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शी काला का कहना है कि जिस समय बच्चों से भरी बस खाई में पलटी वह बाइक पर वहां से जा रहा था। उसने पलटी बस देख कर एकदम बाइक रोक ली और वह सहायता के लिए लोगों को पुकारने लगा। इस दौरान देखते ही देखते वहां पर काफी लोग जमा हो गए और सभी ने मिलकर एक-एक करके बच्चों को पलटी हुई बस से बाहर निकाला। बच्चे खून से सने हुए थे और डरे सहमे रो रहे थे। बस सड़क के साथ बनी खाई में पलटी थी। जिसके चारों टायर ऊपर गए थे। जिसमें से कई बच्चे घायल हुए। घायल बच्चों को तुरंत वाहनों में बैठाकर उपचार के लिए कोट सरकारी अस्पताल भिजवाया गया।
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स्कूलों की बड़ी लापरवाही से बच्चों की जान खतरे में
ग्रामीण रामकुमार, जयपाल, जसवीर, रोहित, पंकज, इमरान काला ने बताया कि सभी प्राइवेट स्कूलों का बहुत बुरा हाल है। बच्चों के मामले में सभी प्राइवेट स्कूल बहुत बड़ी लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसा ही मामला अभी 4 दिन पहले खिजराबाद के एक निजी स्कूल में हुआ था। इसमें क्षमता से अधिक बच्चे स्कूल वैन में बिठा रखे थे। उनमें से एक बच्चा गिर कर घायल हो गया था। उसके बाद परिजनों ने रोष प्रदर्शन किया था। यही हाल अन्य स्कूलों का भी है।
क्षमता से अधिक बैठाएं जा रहे बच्चे
-ग्रामीणों का कहना है कि जो बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है वह बस 52 सीटर है और उसमें करीब 80 बच्चे बैठे हुए थे। जो कि प्राइवेट स्कूलों की लापरवाही दर्शाता है। लोगों की मांग है कि प्रशासन को प्राइवेट स्कूलों के ट्रांसपोर्ट सिस्टम की सख्ती से जांच करनी चाहिए और जो स्कूल नियमों के विपरीत चलता है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
स्टेयरिंग फेल होने से हुआ हादसा
-स्कूल प्रिंसिपल सतीश शर्मा का कहना है कि बस का स्टेयरिंग फेल होने की वजह से हादसा हुआ है। उसमें तीन-चार बच्चों को चोट लगी हैं। कोई बड़ा जान माल का नुकसान नहीं हुआ है और सभी बच्चे सुरक्षित हैं।
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