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हत्या के एक सप्ताह बाद भी गिरफ्तारी नहीं

Sun, 18 May 2014 12:00 AM IST
यमुनानगर
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प्रोफेसर कॉलोनी निवासी फाइनेंसर अजय कुमार विग हत्याकांड के आरोपी एक सप्ताह बाद भी इस केस में पुलिस एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है। अजय की हत्या करके रविवार देर रात शव तीर्थनगर पुल के पास पश्चिमी यमुना नहर के पास फेंक दिया गया था।
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पूरे सात दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली है और पूछने पर थाना प्रभारी राटा और ठुकवा जवाब देते हैं कि मामले की जाच की जा रही है। बता दें कि थाना सदर पुलिस ने मृतक अजय की पत्नी की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश रचने, शव को खुर्दबुर्द करने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को नामजद किया था। लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

यह है मामला
प्रोफेसर कॉलोनी के 45 वर्षीय फाइनेंसर की हत्या कर शव को तीर्थनगर पुल के समीप पश्चिमी यमुना नहर के किनारे फेंक दिया गया। ज्योति विग ने बताया कि उसके पति अजय कुमार विग रविवार देर शाम अंबाला में रिश्तेदार के यहां से घर लौटे थे। इसके कुछ देर बाद वह दस मिनट में घर लौटने की बात कहकर छोटी बेटी भावना की एक्टिवा लेकर बाहर चले गए। इसके दस मिनट बाद उनका फोन आया कि वे एक्टिवा में पेट्रोल भरवाकर घर लौट रहे हैं। इसके घंटों बीतने पर भी वे घर नहीं लौटे तो उन्हें फोन पर संपर्क करना चाहा, लेकिन उनका फोन नहीं लग पाया। परिवार के लोगों ने उनकी तलाश करते हुए आसपास के लोगों व सगे-संबंधित से पूछताछ की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। परिजन पुलिस के पास पहुंचे और अजय की तलाश करने की मांग की।
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देर रात तक अजय का कोई सुराग नहीं लग पाया वहीं, सोमवार सुबह पुलिस को तीर्थनगर पुल के समीप पश्चिमी यमुना नहर के किनारे शव मिलने की सूचना मिली। सूचना पाकर थाना सदर यमुनानगर प्रभारी हरविंद्र सिंह पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव के पास से मिले ड्यूल सिम मोबाइल फोन से कॉल कर शव की शिनाख्त प्रोफेसर कॉलोनी के अजय के रूप में कर उसके परिजनों को सूचित किया।

आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पीड़ित परिजन एससी से मिलकर गुहार लगा चुके है। बावजूद इसके थाना सदर पुलिस इस केस पर एक कदम भी नहीं बढ़ पाई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि नामजद आरोपियों से उनका लेनदेन था, जिस कारण उसके पति की हत्या कर दी। एसपी ने परिजनों को जल्द से जल्द आरोपियों ेको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
मृतक की बेटी उपासना और भावना व बेटा शिवम एक ही बात दोहराए जा रही थी कि अगर पुलिस पहले ही आरोपियाें को पकड़ लेती तो आज मेरे पापा बच जाते। मृतक अजय की पत्नी ज्याति ने पुलिस पर आरोप लगाया कि अजय ने कुछ समय पहले धर्मवीर नारंग और उसके अन्य साथियों से किसी व्यक्ति को दस लाख रुपये दिलाए थे। इसके एवज में उन्होंने अजय से ब्लैंक चेक, अस्टांप पेपर और एफीडेफिट लिए थे। इसके बाद काफी रकम चुकाने के बाद भी उन्हाेंने डॉक्योमेंट्स वापस नहीं किए। जिन्हें छुड़वाने के लिए बीती 20 अप्रैल को वह चार लाख रुपये लेकर जगाधरी के एक इंस्टीट्यूशन में गई। जहां आरोपियों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। इसकी शिकायत उसने थाना शहर जगाधरी पुलिस को दी थी। ज्योति ने बताया कि परिवार के लोग आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर बार-बार थाना शहर जगाधरी प्रभारी नरेंद्र राणा और डीएसपी राजेश शर्मा से गुहार लगा रहे थे, किंतु आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया।

राजनीतिक दबाव का आरोप
मृतक की पत्नी ज्योति ने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले भी उन्होंने उक्त आरोपियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी। लेकिन पुलिस ने तब भी कोई कार्रवाई नहीं की। उसने आरोप लगाया कि मामले में एक कांग्रेसी नेता राजनीतिक दबाव बनाए हुए हैं, इस कारण पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।
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