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Yamuna Nagar News: औद्योगिक इकाइयों के गंदे पानी पर अब तीसरी आंख रखेगी नजर

Tue, 27 Oct 2026 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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जगाधरी में मेटल फैक्टरियों के साथ बने नाले में बहता केमिकल युक्त पानी। संवाद
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राजेश कुमार
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यमुनानगर। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले केमिकल युक्त और गंदे पानी को बिना ट्रीट किए नालों में छोड़ने वाले फैक्टरी संचालकों पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अब जिले की करीब 122 फैक्टरियों के लिए एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) पर ऑनलाइन फ्लो मीटर के साथ सीसीटीवी कैमरे लगाना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
इससे बोर्ड के अधिकारी कार्यालय में बैठकर ही उद्योगों से निकलने वाले पानी की मात्रा और उसके निस्तारण की निगरानी कर सकेंगे। फ्लो मीटर ऑनलाइन होने के बाद संबंधित फैक्टरियों से निकलने वाले पानी की रीडिंग पोर्टल पर उपलब्ध होगी। अधिकारियों को पता चल सकेगा कि किस फैक्टरी से कितना पानी निकल रहा है। ईटीपी पर लगे सीसीटीवी कैमरों से ट्रीटमेंट प्रक्रिया पर भी नजर रखी जा सकेगी।
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जिले में बड़ी संख्या में मेटल और बर्तन बनाने वाली फैक्टरियां हैं। इन उद्योगों में उत्पादन के दौरान काफी मात्रा में पानी का इस्तेमाल होता है। बर्तन बनाने और अन्य औद्योगिक प्रक्रियाओं में इस्तेमाल होने वाले केमिकल के कारण पानी प्रदूषित हो जाता है। यदि इस पानी को ट्रीट किए बिना नालों में छोड़ दिया जाए तो यह आगे चलकर जल स्रोतों को दूषित कर सकता है। इसी को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्टरियों में ईटीपी लगाना और उसका सही तरीके से संचालन सुनिश्चित करना जरूरी किया है।
बोर्ड की निगरानी से शहर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पर शोधन का अतिरिक्त दबाव कम होगा और पश्चिमी यमुना नहर सहित अन्य जल स्रोत प्रदूषण से बचेंगे। ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था लागू होने के बाद फैक्टरियों के पानी के डिस्चार्ज से संबंधित रीडिंग पर नियमित नजर रखी जा सकेगी। यदि किसी फैक्टरी में उत्पादन होने के बावजूद पानी के शोधन और डिस्चार्ज की रीडिंग में गड़बड़ी मिलती है तो बोर्ड इसकी जांच कर कार्रवाई कर सकता है। संवाद
सांसद नवीन जिंदल भी उठा चुके मुद्दा
फैक्टरियों से निकलने वाले बिना ट्रीट किए पानी का मुद्दा जिला सचिवालय में हुई दिशा की बैठक में भी उठ चुका है। कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल ने उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषित पानी पर आपत्ति जताते हुए इस पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए थे।
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सभी फैक्टरियों को पालन करना जरूरी : प्रदीप

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप सिंह ने बताया कि जिले में करीब 122 ऐसी फैक्टरियां हैं, जिनमें बड़े स्तर पर पानी का इस्तेमाल होता है। सभी संबंधित फैक्टरियों को ऑनलाइन फ्लो मीटर लगाने होंगे, ताकि पानी के डिस्चार्ज की रीडिंग ऑनलाइन मिल सके। ईटीपी पर सीसीटीवी कैमरे लगाना भी अनिवार्य किया गया है। कुछ फैक्टरी संचालकों ने यह व्यवस्था कर ली है।
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