संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सरस्वती नगर स्थित सरस्वती धाम विकास को लेकर प्रस्ताव तैयार किया गया। प्रस्ताव के अनुसार यहां नई लाइटें, सीढि़यों की मरम्मत कराने के लिए रेलिंग लगाई जाएगी। रिवर फ्रंट बनाने के साथ ही कॉरिडोर भी बनाया जाएगा। हरियाणा सरस्वती हेरिटेज विकास बोर्ड की ओर से इन कार्यों को किया जाएगा।
सरस्वती धाम एक प्राचीन तीर्थ स्थल है, जिसे सतयुगी सरस्वती धाम या सरस्वती तीर्थ के नाम से जाना जाता है, जहां प्राचीन काल से ही मां सरस्वती की पूजा होती रही है, यह सरस्वती नदी के किनारे बसा है। हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमिच ने बताया कि सरस्वती धाम क्षेत्र को विकसित करने में लगी हुई है।इसी कड़ी के अंतर्गत जिले के गांव मिल्क माजरा में सरस्वती नदी के तट पर रिवर फ्रंट बनाने के कार्य का शिलान्यास किया गया है।
सरस्वती धाम पर रिवर फ्रंट बनाने की संभावनाओं को तलाशा गया। सरस्वती धाम कॉरिडोर बनने से क्षेत्र में पर्यटन व धार्मिक गतिविधियों को अत्याधिक बढ़ावा मिलेगा । सरस्वती नदी का उद्गम स्थल आदिबद्री में है। सरस्वती नदी विलुप्त है। मान्यता है कि आदिबद्री के बाद सरस्वती नगर में सरस्वती का पहला कुंड है। यही वजह है कि कस्बा का महत्व बढ़ गया है।
यहां पर सरस्वती कुंड को अब पक्का कर दिया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने सवा दो करोड़ रुपये सरस्वती धाम के विकास के लिए मंजूर किए थे। इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। कुंड के चारों तरफ विभिन्न देवी देवताओं के मंदिर बनाए गए हैं।