संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। सरकार द्वारा ट्रैक्टर-ट्राली के कामर्शियल उपयोग पर लगाई गई रोक ने बल्लेवाला क्रशर जोन में काम करने वाले सैकड़ों चालकों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा कर दिया है। आदेश के विरोध में रविवार को ट्रैक्टर-ट्राली चालकों ने क्रशर जोन में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया।
धरनास्थल पर मौजूद राहुल जयधर, दिशांत देवघर, गुरप्रीत फतेहगढ़, सोनू बेगमपुर, रेशम मेहर माजरा, अनुज तेलीपुरा, कुलदीप जयधरी, लाभ सिंह सहित अन्य चालकों ने बताया कि हाल ही में सरकार और डीसी के दिशा-निर्देशों के तहत ट्रैक्टर-ट्राली को खनन सामग्री ले जाने समेत किसी भी प्रकार के व्यावसायिक उपयोग में शामिल करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। आदेशों के अनुसार यदि ट्रैक्टर-ट्राली कामर्शियल कार्य में पाई जाती है तो उस पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चालकों का कहना है कि इस फैसले से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ा है। अधिकांश चालक अपने परिवार का पालन-पोषण ट्रैक्टर-ट्राली चलाकर ही करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सड़कों पर ईंटों, गन्ने और मिट्टी से लदी ट्रैक्टर-ट्रालियां चल रही हैं, तो खनन सामग्री ढोने वाले ट्रैक्टर-ट्राली पर रोक क्यों लगाई गई है।
कई चालकों ने ट्रैक्टर खरीदने के लिए बैंक से कर्ज लिया है, ईएमआई चुका रहे हैं या गहने गिरवी रखे हैं। ऐसे में वाहन खड़े रहने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। पकड़े जाने और जुर्माने के डर से पिछले करीब 15 दिनों से ट्रैक्टर-ट्रालियां गांवों में खड़ी हैं और काम पूरी तरह ठप पड़ा है। इससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है।