संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत ठेका कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने का एलान किया है। इस संबंध में स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन, संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय में नोटिस सौंपा।
जिला प्रधान विजय कुमार ने बताया कि सभी ट्रेड यूनियनों के संयुक्त फैसले के अनुरूप यह हड़ताल कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और हाई कोर्ट के फैसले को लागू कराने के लिए की जा रही है। विजय कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कच्चे कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा करते हैं। कोरोना महामारी जैसे कठिन दौर में भी इन कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा से काम कियाहै।
उन्होंने आरोप लगाया कि नए लेबर कोड्स के जरिए कर्मचारियों के पुराने श्रम अधिकारों-न्यूनतम वेतन, यूनियन बनाने और पेंशन जैसे अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने बताया कि समान काम, समान वेतन के सिद्धांत को भी सरकार ने अब तक लागू नहीं किया है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कौशल निगम कर्मचारियों के पोर्टल से नाम हटने के कारण पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सरकार द्वारा हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड के माध्यम से कर्मचारियों को लंबे समय तक कच्चा रखने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए।
विजय कुमार ने कहा कि अस्पतालों में सरकारी डॉक्टर और नर्सें हैं, तो अन्य कर्मचारियों को भी सरकारी दर्जा क्यों नहीं दिया जाता। विभाग में कई पद खाली पड़े हैं, लेकिन उन्हें भरा नहीं जा रहा। 12 फरवरी की हड़ताल इस बात का संकेत है कि कर्मचारी अब अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर जागरूक हैं और अपना हक लेकर रहेंगे।