पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यमुनानगर-जगाधरी रोड पर अतिक्रमण के मामले
में हरियाणा सरकार को निर्देश जारी किए हैं कि अवैध कब्जाधारियों को तत्काल
नोटिस जारी किया जाए और एक महीने के अंदर अवैध निर्माण गिराकर संबंधित
साइटों से मलवा हटा लिया जाए।
चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस अरुण
पल्ली पर आधारित खंडपीठ मंगलवार को इस मामले पर सख्त दिखी। खंडपीठ ने
स्पष्ट किया कि जब सरकार मान रही है कि यहां अवैध कब्जे हैं, तो फिर उन्हें
हटाने में देरी क्यों? हाईकोर्ट ने सरकार से अगली सुनवाई तक इस मामले में
स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल के लिए
निर्धारित की गई है।
मामले की सुनवाई के दौरान टाउन एंड कंट्री
प्लानिंग के डायरेक्टर जनरल अनुराग रस्तोगी ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल
कर पनसौरा, जगाधरी, मोमिली, चांदपुर और ससाली समेत अन्य इलाकों में अवैध
कब्जाें की सूचीबद्ध रिपोर्ट पेश की। याचिका में कहा गया है कि चेंज ऑफ
लेंड यूज के तहत कई कंपनियों, होटलों ने भी कब्जे किए हैं। वहीं रिपोर्ट
में 74 निजी लोगों के नामों की सूचि भी पेश की गई है, जिन्होंने अवैध रूप
से अतिक्रमण कर रखा है।
मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने
हाईकोर्ट से आग्रह किया कि उन्हें कार्रवाई के लिए एक महीने का समय दिया
जाए। हाईकोर्ट ने आग्रह को ठुकराते हुए निर्देश दिए कि एक महीने में सरकार
अतिक्रमण हटाने की मुहिम की रिपोर्ट फोटो सहित पेश करे। हाईकोर्ट ने नगर
निगम के एक्जीक्यूटिव आफिसर को निर्देश दिए कि अगर उन्हें लगता है कि उनसे
यह अभियान नहीं चलाया जा सकता है तो वह कोर्ट को बताएं, ताकि यह काम किसी
दूसरे को सौंपा जा सके। स्वयंसेवी संस्था ह्यूमन हेल्पलाइन ने हाईकोर्ट में
जनहित याचिका दाखिल कर यमुनानगर जगाधरी रोड पर अतिक्रमण हटाने के निर्देश
जारी करने का आग्रह कोर्ट से किया है।
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान
हाईकोर्ट हरियाणा सरकार को निर्देश जारी किए थे कि अवैध कब्जाें के संबंध
में विस्तृत रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल की जाए।