संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल से सेवानिवृत्त नर्सिंग स्टाफ इंचार्ज सुदेश शर्मा से 11-15 जून में 1.55 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई। इन आरोप में 16 जून को ऑनलाइन शिकायत दी, पर 50 दिन बाद केस दर्ज हुआ। सुदेश ने बताया कि मध्यप्रदेश डीजीपी से फोन करवाया, तब यह कार्रवाई हुई है।
सुदेश शर्मा ने बताया कि 11 जून को बेटे की शादी के लिए गूगल पर शांतिकुंज गायत्री परिवार हरिद्वार के फोन नंबर तलाश रही थीं। यहां एक मोबाइल नंबर दिखा। इस पर कॉल किया तो दिवेश नाम व्यक्ति ने बात की। दिवेश ने बताया कि वेबसाइट पर शादी के लिए पंजीकरण करना होगा, जिसके लिए उसे 11 रुपये देने होंगे।
को बताया कि उन्हें (सुदेश) मोबाइल एप से पैसे भेजने नहीं आते, तब व्यक्ति ने व्हाट्स एप पर वीडियो कॉल कर जैसे-जैसा वह कहता है, वैसा मोबाइल में करने के लिए कहा। इस तरह दिवेश ने उनके मोबाइल में ऐप में पति के यूनियन बैंक के खाते से 11 रुपये लिए। इसके बाद 16 जून को वह अपने डीसीबी के खाते से कनाडा में रह रही बेटी के बैंक खाते में पांच लाख रुपये भेजने गई, पर बैंक शाखा पर कर्मचारियों ने बताया कि एक लाख रुपये कम है।
पता करने पर पाया कि 12 जून जून को डीसीबी के खाते से पहले एक रुपया फिर 15 जून को एक लाख रुपये निकाले गए। व्हाट्स एप पर वीडियो कॉल करने वाले व्यक्ति पर ठगी किए जाने के शक में पति के बैंक खाते का पता करने यूनियन बैंक की शाखा गई, वहां पाया कि 12 जून को पति के बैंक खाते से एक रुपया फिर 14 जून को 55 हजार रुपये निकाले गए। दोनों बैंक खाते फ्रीज कराते हुए 16 जून को ऑनलाइन शिकायत दी। तीन दिन साइबर थाने में भी गई। इस बारे में परिचित को बताया, जिससे यह बात मध्य प्रदेश के डीजीपी तक पहुंची और उन्होंने फोन किया तो पुलिस ने शिकायत लेने के बाद मामला दर्ज किया।