यमुनानगर। कृषि विभाग की टीम ने शुक्रवार देर शाम गांव महलांवाली में यूरिया खाद के 250 कट्टों से लदा कैंटर पकड़ा। मौके पर पुलिस बुलाई। आसपास पता करने पर कैंटर का न चालक मिला न मालिक। जांच में पाया गया कि यह कृषि कार्यों के लिए किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाला यूरिया खाद है। अंदेशा है कि इसे प्लाईवुड फैक्टरी में ग्लू बनाने में उपयोग किया जाना था। कृषि विभाग की टीम ने यूरिया खाद के तीन सैंपल लेकर लैब में भेजे, वहीं सदर जगाधरी पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस को दी शिकायत में उपमंडल कृषि अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि जिला कुरुक्षेत्र के गांव बकाली की को-ऑपरेटिव सोसाइटी से कृषि कार्यों के लिए किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाले यूरिया खाद के कट्टे कैंटर में लाद कर गांव महलांवाली में पहुंचाए गए हैं। मौके पर टीम के साथ गए तो वहां कैंटर मिला, जिसमें करीब 250 यूरिया खाद के कट्टे लदे मिले। आसपास कैंटर का चालक व मालिक नहीं मिले। अन्य चालक के माध्यम से यूरिया कट्टे से लदे कैंटर को थाना सदर जगाधरी ले जाया गया, जहां कैंटर की तिरपाल हटाने पर उसमें करीब 250 कृषि यूरिया खाद के कट्टे लदे पाए गए। इसके तीन सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए। साथ ही यह कृषि यूरिया खाद कहां और किसके द्वारा भेजा गया और यहां किस जगह और किस उद्देश्य से लाया गया, इसकी जांच शुरू कर दी। इस खाद का गैर कृषि कार्य विशेषकर प्लाईवुड फैक्टरी में उपयोग होने का अंदेशा है, जिससे किसानों को दी जा रही सब्सिडी का भी दुरुपयोग होने की आशंका है। ऐसा किया जाना उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 (एफसीओ 1985), फर्टिलाइजर मूवमेंट कंट्रोल ऑर्डर 1973 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दंडनीय अपराध है, इसलिए इस संबंध में पुलिस को तहरीर दी गई। इसके आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
- प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।- मनोज कुमार, प्रभारी, थाना सदर जगाधरी।