यमुनानगर। एसएस जैन सभा के तत्वावधान में नववर्ष के उपलक्ष्य में सामूहिक जाप अनुष्ठान एवं आध्यात्मिक सभा का भव्य आयोजन किया गया। रचित मुनि महाराज ने कहा कि कैलेंडर बदलने से जीवन नहीं बदलता है।
उन्होंने भगवान महावीर के सूत्र अप्पा कत्ता विकत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मा ही अपने सुख-दुख की कर्ता है। जब तक विचार और संस्कार नहीं बदलेंगे, तब तक तारीखें बदलने का कोई अर्थ नहीं है। तेजस मुनि महाराज ने कहा कि नए कपड़े पहनना या संकल्प लेना ही नयापन नहीं है।
असली बदलाव तब आता है, जब व्यक्ति अपनी पुरानी गलत आदतों से ऊब जाता है। उन्होंने शरीर की चर्बी और एब्स का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कसरत से शरीर निखरता है, वैसे ही साधना और वेदांत के अभ्यास से अहंकार की चर्बी हटानी पड़ती है। कार्यक्रम में रचित मुनि महाराज, तेजस मुनि महाराज, प्रियंका महाराज, पूर्णा महाराज सहित पांच संतों एवं छह साध्वियों के पावन सानिध्य में श्रद्धालुओं ने नए वर्ष का स्वागत किया।