यमुनानगर। सरकारी स्कूल इस्माइलपुर में एसएमसी की बैठक के दौरान ग्रामीणोें ने मिड-डे मील को लेकर हंगामा किया। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने बच्चों को मिड-डे मील नहीं खाने देंगे। यदि उनके बच्चों को स्कूल में मिड-डे मील दिया जाता है तो इसकी जिम्मेदारी स्कूल इंचार्ज को लेनी होगी। अन्यथा स्कूल में मिड-डे मील नहीं पकने देंगे। वे मिड-डे मील खिलाने को लेकर डीईओ से मिलेंगे। मंगलवार को सरकारी स्कूल इस्माइलपुर में एसएमसी की बैठक हुई। इसमें एसएमसी के सत्तार अली, मनेष कुमार, संजीद अली सहित कई सदस्य और पदाधिकारी शामिल हुए।
इस दौरान बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल इंचार्ज से मिड-डे मील खाने की पूरी जिम्मेदारी लेने की मांग की। जब स्कूल इंचार्ज द्वारा बात का संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो अभिभावक भड़क गए। ग्रामीण राजरानी, सरोज, राजबाला, किरनो, बलवींद्र कौर, एसएमसी के सत्तार अली, मनीष कुमार का कहना है कि स्कूल इंचार्ज जब मिड-डे मील की जिम्मेदारी ही नहीं ले रहे हैं तो वे किस भरोसे बच्चों को यहां खाना खाने दें। इसी को लेकर कुछ ग्रामीणों ने स्कूल के गेट पर हंगामा किया। महिलाओें का कहना है कि स्कूल इंचार्ज और स्टाफ के जिम्मेदारी लेने के बाद ही वे बच्चों को खाना खाने देंगे। इसी बात को लेकर काफी देर तक ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ के बीच तीखी बहस होती रही। ग्रामीणों ने कहा कि वे मिड-डे मिल को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी से मिलेंगे।
इस संबंध में स्कूल इंचार्ज प्रेमपाल ने कहा कि बच्चों को सही गुणवत्ता वाला भोजन दिया जा रहा है। मिड-डे मील बंद करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। जो बच्चे खाना नहीं खाना चाहते उन्हें इसके लिए विवश नहीं किया जाएगा। यदि अधिकारी इस बाबत कोई आदेश देंगे तो उस पर अमल किया जाएगा।