रादौर। उत्तर प्रदेश के मुकाबले प्रदेश के किसानों को गन्ने के दाम कम मिलने से खफा किसानों की बैठक सोमवार को उधम सिंह धर्मशाला में हुई। बैठक में किसानों को गन्ने के कम दाम मिलने पर हुड्डा सरकार के प्रति किसानों ने रोष प्रकट किया। बैठक की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन प्रदेश सचिव विजय मेहता ने की। बैठक में 150 से अधिक किसानों ने भाग लिया।
भाकियू प्रदेश सचिव विजय मेहता व मंडल सचिव धर्मबीर अमलोहा ने कहा कि उत्तरप्रदेश में किसानों को 8436 किस्म के गन्नें की कीमत प्रति क्विंटल 290 रुपये मिल रहे हैं। जबकि प्रदेश में किसानों को मात्र 240 रुपये प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। किसान इस शोषण को बर्दाश्त नहीं करेगा। कम दाम मिलने से खफा किसानों ने 20 दिसंबर को रादौर में प्रदेश स्तर की महापंचायत का आयोजन किया है। जिसमें प्रदेश भर से लगभग पांच हजार किसान भाग लेने के लिए रादौर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि दाम कम मिलने से किसानों को प्रति एकड़ लगभग 15 से 20 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। इस अवसर पर विजय मेहता, धर्मबीर अमलोहा, संजू गुंदियाना, नाथीराम दोहली, बलिन्द्र मुस्तफाबाद, प्रदीप नगला, हरपाल सुढैल, नरेश अमलोहा, नाथीराम दोहली, जयपाल चमरोड़ी, राजेन्द्र दोहली, बाजसिंह हड़तान, जगीर छारी, कर्ण बुबका, रामेश्वर बुबका, जोगिन्द्र सिलीकलां, धर्मपाल अमलोहा, करनैल अमलोहा, राजकुमार अलाहर, जगमाल रत्तनगढ़, कर्मबीर बरहेड़ी आदि उपस्थित थे।
किसानों ने केजरीवाल से साधा संपर्क
उत्तर प्रदेश व हरियाणा के गन्नें के दामों में 50 रुपये प्रति क्विंटल का फर्क होने से खफा किसान अब समाजसेवी अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में संघर्ष करने का निर्णय ले चुके हैं। जिसके लिए भारतीय किसान यूनियन प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी व प्रदेश सचिव विजय मेहता ने अरविंद केजरीवाल से सोमवार को संपर्क साधा। केजरीवाल से बातचीत करने के लिए किसानों का एक दल सोमवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हुआ। भाकियू प्रदेश सचिव विजय मेहता ने बताया कि किसान कम दाम को लेकर सरकार से लोहा लेने का निर्णय ले चुके है। किसानों को उम्मीद है कि अरविंद केजरीवाल किसानों की इस लड़ाई में उनका साथ देंगे।