यमुनानगर। बेरोजगार भत्ता लेने के लिए अब कुछ नए नियम बना दिए गए हैं। यह बदलाव जिले में 80 प्रतिशत अपात्रों द्वारा बेरोजगार भत्ता लेने का खुलासा होने के बाद किया गया है। नए नियम से आवेदकों को अब भत्ते के लिए अतिरिक्त कागजी कार्रवाई करनी पड़ेगी।
बेरोजगार भत्ते के लिए अप्लाई करने पर अब आवेदक को अपने वार्ड के पार्षद या गांव के सरपंच द्वारा प्रमाणित शपथ पत्र देना पड़ेगा। इस शपथ पत्र में यह तसदीक किया जाएगा कि आवेदक बेरोजगार है और वह छात्र, प्रशिक्षार्थी या अप्रेंटिस नहीं है। इसके अलावा आवेदक को अपने दो पड़ोसियों के फोन या मोबाइल नंबर फार्म पर अंकित करने होंगे। बेरोेजगार भत्ता लगने के बाद भत्ता लेने वाले को हर साल नवंबर माह में उसके बेरोजगार होने के बारे में शपथ पत्र देना पड़ेगा, जो पार्षद या सरपंच से प्रमाणित होगा। यदि आवेदक द्वारा दी गई कोई भी जानकारी गलत पाई गई तो उसका बेरोजगार भत्ता कैंसिल कर दिया जाएगा और ली गई भत्ते की राशि की रिकवरी ब्याज सहित की जाएगी। इसके लिए शपथ पत्र प्रमाणित करने वाले पार्षद या सरपंच की मदद ली जाएगी।
फरवरी से जुलाई तक हुआ था सर्वे
जिला रोजगार कार्यालय द्वारा इस वर्ष फरवरी से जुलाई माह तक बेरोजगार भत्ता लेने वालों का सर्वे किया गया था। इसमें खुलासा हुआ कि जिले में करीब 80 प्रतिशत बेरोजगारी भत्ता लेने वाले भत्ता लेने की शर्तों को पूरा नहीं करते हैं। भत्ता लेने वाले अधिकतर युवा नौकरी कर रहे थे। कुछ का अपना व्यवसाय था और कुछ खेती बाड़ी कर रहे थे। इस सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर सभी अपात्रों का बेरोजगार भत्ता बंद कर दिया गया। इन अपात्रों से लिए गए भत्ते की रिकवरी की प्रक्रिया चल रही है।
यह तसदीक करना होगा शपथ पत्र में
सरपंच व एमसी द्वारा प्रमाणित शपथ पत्र में तसदीक करना होगा कि आवेदक बेरोजगार है। आवेदक के परिवार की वार्षिक आय सभी साधनों को मिलाकर 50 हजार से अधिक नहीं है। आवेदक या उसके परिवार के सदस्याें के पास पांच एकड़ से अधिक कृषि योग्य भूमि नहीं है। आवेदक या उसके परिवार की रिहायशी या व्यवसायिक सम्पत्ति की वैल्यू 10 लाख से अधिक नहीं है। वह छात्र, प्रशिक्षार्थी या अप्रेंटिस नहीं है। उसका अपना कोई रोजगार व बिजनेस नहीं है।
भत्ते के लिए ये देने होंगे दस्तावेज
आन लाइन पंजीकरण कार्ड की फोटो कापी।
रोजगार कार्यालय के पहचान पत्र की फोटोकापी।
राशन कार्ड, रिहायशी प्रमाण पत्र की प्रति।
शैक्षणिक योग्यता के सभी प्रमाण पत्रों की अटेस्टेड फोटो कापी।
सरपंच व एमसी द्वारा प्रमाणित शपथ पत्र।
दो पास पार्ट साईज फोटो।
आवेदक का जिले में स्थित पंजाब नेशनल बैंक का खाता नंबर व बैंक पासबुक की फोटो कापी।
यह है शर्तें
आवेदक का नाम तीन साल से रोजगार कार्यालय में दर्ज होना चाहिए।
आवेदक 12वीं पास या 10वीं के बाद दो वर्षीय सर्टिफिकेट की योग्यता रखता हो।
आवेदक का पति, पत्नी सरकारी नौकरी पर न हो।
उसकी आयु 21 से 35 वर्ष के बीच हो।
आवेदक सरकारी सेवा से पदच्युत न किया गया है।
उसे किसी मामले में 6 माह या उससे अधिक सजा न भुगती हो।
कोट
अपात्रों द्वारा बेरोजगार भत्ते लिए जाने का मामला सामने आने के बाद भत्ता लेने की प्रक्रिया में थोड़ा बदलाव किया गया है, ताकि कोई अपात्र दोबारा भत्ता न ले सके। इससे उन्हीं को भत्ते का लाभ मिल सकेगा जो इसके सही हकदार हैं।
उर्मिल, श्योकंद, जिला रोजगार अधिकारी