जगाधरी। मांगों के समर्थन में पांच दिन से हड़ताल पर रहे तहसीलदार व नायब बुधवार को काम पर लौट आए। हड़ताल खत्म होने के साथ बुधवार को जगाधरी के अलावा छछरौली, रादौर, व्यासपुर की तहसीलों और सरस्वती नगर, प्रतापनगर व साढौरा की उप तहसीलों में बुधवार को काफी भीड़ रही। सभी तहसील व उप तहसील में नियमित रूप से रजिस्ट्रियां हुई। इसके अलावा इंतकाल, जमाबंदी, फर्द, जाति सहित विभिन्न प्रमाणपत्र व शपथ पत्र बनाने के लिए लोग तहसील कार्यालय पहुंचे। इस दौरान करीब रजिस्ट्रियों के लिए कुल 98 टोकन दिए थे और शाम तक 96 रजिस्ट्रियां हो पाईं। कार्यालय समय तक दो टोकन लंबित रह गए। इस दौरान सबसे ज्यादा रजिस्ट्रियां जगाधरी तहसील में हुई। यहां पर 60 रजिस्ट्रियां की गईं। इसके लिए अन्य कार्याें के लिए तहसील कार्यालय में सुबह से शाम तक भीड़ रही।
जानकारी के अनुसार पांच दिन में करीब 500 से ज्यादा रजिस्ट्रियां लंबित रही। इसके अलावा विभिन्न तरह के 2500 से ज्यादा प्रमाण पत्र व शपथ पत्र लंबित पड़े हैं। पांच दिन कोई काम न होने के कारण अब तहसील कर्मचारियों के साथ नायब व तहसीलदारों का काम बढ़ गया है। लंबित के साथ रोजाना का काम होने से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। हालांकि तहसीलदार व नायब के लौटे से लोगों ने राहत की सांस ली है। चूंकि करीब एक सप्ताह से तहसील का काम ठप पड़ा था। इससे पहले पटवारियों व कानूनगो की तीन दिन हड़ताल रही। उनकी हड़ताल समाप्त होते ही तहसीलदार व नायब हड़ताल पर चले गए। वहीं, अब हड़ताल खत्म होने पर लोगों ने राहत की सांस ली है। परंतु काम में देरी के कारण उन्हें परेशान होना पड़ा। संवाद